अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस का दावा है कि प्रॉपर्टी विवाद में एक भूमाफिया ने पांच लाख की सुपारी देकर हत्याकांड को अंजाम दिलाया। भूमाफिया अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। सुपारी लेने वाले बदमाश और शूटरों से पुलिस ने तमंचा भी बरामद लिया है। सर्विलांस व सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने हत्याकांड का राजफाश किया। दूसरी तरफ पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका जांच रही है। नवाबगंज गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी में बीते बुधवार को बदमाशों ने अधिवक्ता राजाराम वर्मा (78) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जांच में राजाराम वर्मा की सुपारी लेने वाले आरोपी अंकित व दोनों शूटरों के बीच हुई बातचीत की कई कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ लगी है। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर ने अंकित को फोन किया था। तब उसने हंसते हुए कहा था ...भाई सिग्नेचर कर दिया है, रकम का इंतजाम कर लो। उसके बाद यहां से सीधे बिठूर होते हुए चौबेपुर दोनों पहुंचे थे।
यहां पर मोबाइल बंद कर फरार हो गए थे। आरोपियों के मोबाइल में मिली कॉल रिकॉर्डिंग आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि वारदात से पहले और अंजाम देने के बाद लगातार दोनों शूटर दिलनाज व रोहित फोन से अंकित यादव से बातचीत करते रहे थे।
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कानपुर: अधिवक्ता राजाराम की गोली मारकर हत्या
- फोटो : amar ujala
जब वहां पहुंचे तो कई बार घंटी बजाने पर कोई नहीं निकला तब दिलनाज ने अंकित को फोन कर कहा कि ....कई बार घंटी बजा चुका हूं। बुड्ढा बाहर नहीं निकला है। इस पर अंकित कहता है कि निकलेगा जरूर। थोड़ा इंतजार करो।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : amar ujala
दोबारा अंकित कहता है कि ...अगर कोई बीच में आए तो उसका भी सिग्नेचर (मार देना) कर देना। इस बातचीत के चंद मिनट बाद दिलनाज व रोहित की फिर अंकित से बातचीत हुई। जिसमें दिलनाज ने हंसते हुए कहा कि सिग्नेचर (हत्या) कर दिया है।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
जल्दी से बाकी की रकम का इंतजाम कर लो। ठिकाने पर मुलाकात होगी। इस तरह की कई कॉल रिकॉर्डिंग हैं। जिसमें सुपारी लेने से लेकर वारदात को अंजाम देने तक की बातचीत है।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
एनआरआई सिटी के मालिकानों की भूमिका की जांच जारी
एफआईआर में एनआरआई सिटी व राजाराम का सौतेला भाई राजबहादुर नामजद है। राजबहादुर से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है लेकिन उसको जेल नहीं भेजा है। दावा है कि अभी तक उसके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं। लेकिन, हत्याकांड का सूत्रधार रामखिलावन का राजबहादुर व एनआरआई सिटी वालों से कनेक्शन रहा है।
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Lawyer murder case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस इस बिंदु की गहनता से पड़ताल कर रही है। डीसीपी पश्चिम का कहना है कि जो भी नामजद आरोपी हैं उनका आरोपियों से कनेक्शन तलाशा जा रहा है। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजबहादुर का रिश्तेदार है रामखिलावन
केस में नामजद राजबहादुर मृतक अधिवक्ता राजाराम का सौतेला भाई है। रामखिलावन राजबहादुर का समधी है। इस हिसाब से रामखिलावन, राजाराम का भी दूर का रिश्तेदार हुआ। इसलिए उसको राजाराम के बारे में एक-एक बात की जानकारी थी।