पोर्ट ब्लेयर में शहीद हुए कन्नौज के लाल हरिओम को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सांसद, विधायक ने कंधा दिया तो डीएम और एसपी ने सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद को राजकीय सम्मान के साथ प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व सेना के जवानों की मौजूदगी में नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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शहीद की एक झलक पाने को बेताब दिखे लोग
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार की देर रात लगभग 1:30 बजे शहीद हरिओम लोधी (19) पुत्र रामबहादुर उर्फ दामोदर का पार्थिव शरीर पैतृक गांव नगला डांडे पहुंचा। सुबह प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आसपास के गांवों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। शहीद का पार्थिव शरीर लेकर आए नौसेना के कैप्टन धर्मेंद्र उपाध्याय व हवलदार देवेंद्र यादव ने परिजनों व ग्रामीणों को हादसे के बारे में जानकारी दी।
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शहीद को सलामी देते पुलिस ऑफीसर और जन प्रतिनिधि
- फोटो : अमर उजाला
शहीद के अंतिम दर्शन को पहुंचे सांसद सुब्रत पाठक, तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार, एसपी अमरेंद्र प्रसाद, एसडीएम गौरव शुक्ला, सीओ शिवकुमार थापा सहित सिखलाई रेजिमेंट के जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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शहीद को नम आंखों से दी गई विदाई
- फोटो : अमर उजाला
सेना के जवानों व जनप्रतिनिधियों ने शहीद को कंधा दिया। गांव के बाहर रामबहादुर लोधी के खेत में पार्थिव शरीर ले जाया गया। सिखलाई रेंजिमेंट की बटालियन ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद हरिओम के बडे़ भाई हरिश्चंद्र ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि अखिलेश राजपूत, रामबख्श सिंह लोधी, विपिन द्विवेदी सहित सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण मौजूद रहे।
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विशेष विमान से लाया गया शहीद का पार्थिव शरीर
- फोटो : अमर उजाला
जहाज में तकनीकी कमी को दूर करने गए थे हरिओम
नेवी के कैप्टन धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जहाज में तकनीकी खराब आ गई थी। हरिओम अपने पांच साथियों के साथ कमी को दूर करने गए थे। उसी समय नौका पलट गई। पांचों सैनिक समुद्र में डूब गए। बचाव टीम ने चार सैनिकों को सकुशल निकाल लिया। हरिओम ज्यादा गहराई में चले गए थे। उन्हें जब तक निकाला गया, सांसें थम गई थीं।
शहीद को श्रद्धांजलि देते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़ से जाम हुईं गलियां
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए नगला डांडे के अलावा विशुनगढ़, उमरैन, बहादुरपुर, सेमलपुर, कलैनापुर, चटिया, खबरिया, बरबारी, भूटा, शेखपुर, भवानीगढ़, चतुरीपुर, ररूआ, डेरा जोगी, इंदरपुर, कैथौली, नगला बरी, रैपुरा, कुड़रा, सरैया, भारतपुर, जोत, कुशलपुर, नगला कंज, शंकरपुर व लक्ष्मन नगला से सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ पहुंची थी। इससे गांव की गलियां जाम हो गईं।