रेप पीड़िता
दिल्ली में रहकर कारोबार करने वाले चाचा ने वहीं रह कर लखनऊ के उच्चाधिकारियों के अलावा उन्नाव के सीओ, एसपी के पीआरओ, माखी थाने के एसओ, हल्का इंचार्ज के साथ ही विधायक, उनके भाई, मारपीट व एफआईआर दर्ज करने वाले विधायक के गुर्गों तक से बार-बार बात की। इन फोन काल ने घटना की वजह, मुकदमा दर्ज न होने के पीछे सत्ता पक्ष के विधायक के दबाव, तहरीर में बदलाव के पीछे की वजहों की कलई खोल दी।