कर चोरी की आशंका में महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) अहमदाबाद की टीम ने समाजवादी इत्र बनाने वाले जिस पीयूष जैन के यहां गुरुवार को छापा मारा था, शुक्रवार को उसके घर की दीवारों से भी नोट मिले। शुक्रवार रात दो बजे पीयूष जैन को उसके आनंदीपुरी स्थित आवास से डीजीजीआई की टीम ने हिरासत में लिया था। सुबह चार बजे उसे सर्वोदय नगर स्थित इंटेलीजेंस के ऑफिस ले जाया गया। रेड के दौरान दीवार को नोट छिपाने के लिए अलग तरह से बनाया गया था। शुक्रवार रात तक भी कैश गिनने का सिलसिला जारी रहा। कैश गिनने के लिए दूसरे दिन 13 और मशीनें मंगानी पड़ीं। शुक्रवार रात तक 179 करोड़ से अधिक की नकदी जब्त की गई है। वहीं पीयूष जैन का अभी तक सुराग नहीं लगा है। उसके बेटे प्रियांश जैन को टीम ने हिरासत में लिया है। कैश ले जाने के लिए 80 बक्से के साथ ही एक कंटेनर भी मंगाया गया। पीयूष जैन मूल रूप से कन्नौज के छिपट्टी का ही रहने वाला है। यहां उसकी कई कंपनियां हैं। बुधवार को डीजीजीआई की टीमों ने पीयूष जैन के कानपुर के आनंदपुरी स्थित घर, फैक्ट्री, ऑफिस, कोल्डस्टोरेज और पेट्रोल पंप पर एक साथ छापा मारा था।
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- फोटो : amar ujala
यह कार्रवाई कानपुर, कन्नौज, गुजरात, मुंबई स्थित प्रतिष्ठानों पर एक साथ शुरू हुई। अधिकारियों ने आनंदपुरी स्थित आवास से बड़े पैमाने पर दस्तावेज और 179 करोड़ की नकदी जब्त की। सूत्रों के मुताबिक, करोड़ों रुपये की कर चोरी के सुबूत हाथ लगे हैं। मुखौटा कंपनियों और फेक इनवाइस के जरिये करोड़ों रुपये इधर से उधर किए गए। इत्र कारोबारी पीयूष जैन की कंपनी मेसर्स ओडोचेम कंपनी कन्नौज में इत्र का कारोबार करती है। कंपनी ज्यादातर काम कैश में करती है।
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प्रदेश में सबसे बड़ी रकम मिलने का दावा
दावा किया जा रहा इतनी बड़ी मात्रा में पहली बार प्रदेश में किसी के यहां कैश मिला है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के इतिहास में आज तक किसी छापे में इतना कैश नहीं मिला। इसकी सूचना मिलने पर कस्टम, आयकर के अफसर भी पहुंचे। हालांकि अभी तक आयकर ने जांच नहीं शुरू की है।
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रकम बढ़ने की आशंका
शुक्रवार देर रात तक 175 करोड़ से ज्यादा की नकदी मिलने की बात सामने आई है। हालांकि एडिशनल डायरेक्टर जनरल विवेक प्रसाद की ओर जारी बयान में बताया गया है कि देर शाम तक जारी जांच में 150 करोड़ से अधिक का कैश बरामद किया गया है। इसे सीज किया गया है।
पान मसाला और ट्रांसपोर्टर के ठिकानों पर भी छापे
डीजीजीआई की टीम ने बुधवार को शिखर पान मसाला, गणपति ट्रांसपोर्ट को ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। इसके बाद गुरुवार से पियूष जैन के ठिकानों पर छापेमारी की गई। शिखर पान मसाला ब्रांड मेसर्स त्रिमूर्ति फ्रेगरेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नाम से पान मसाला और तंबाकू बनाती है। गणपति ट्रांसपोर्ट के मालिक प्रवीण जैन के आवास एवं कार्यालयों से एक करोड़ एक लाख रुपये कैश जब्त किए गए हैं। ट्रांसपोर्ट कंपनी ने दो सौ फेक इनवाइस के जरिये हेराफेरी की है। चार माल लदे ट्रक भी सीज किए गए हैं।