राहुल सचान की पुरानी फोटो, जब उसे घायल अवस्था में भर्ती कराया गया
पिता रामकुमार बताते हैं कि राहुल ने कुछ साल बाद टेलीफोन पर बताया था कि आसाराम के आश्रम में लड़कियों के साथ दुराचार होता है। इसी दरम्यान वर्ष 2013 में यूपी के शाहजहांपुर की एक लडक़ी ने आसाराम पर दुराचार का मामला दर्ज करा दिया तो राहुल की गवाही पर पुलिस ने उसे मुख्य गवाह बनाकर मामले को आगे बढ़ाया। वर्ष 2015 की फरवरी में जोधपुर कोर्ट के परिसर में राहुल पर चाकुओं से हमला किया गया। इसके बाद वह लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में पुलिस के पहरे में रहता रहा, लेकिन नवंबर 2015 को कैसरबाग बसअड्डे से गायब हो गया। बस में सवार होते समय राहुल ने अपनी सुरक्षा में तैनात सिपाही अमित सिंह से एक दिन बाद लौटने का वादा किया था, लेकिन लौटे नहीं। मां बाप को ऐसा लगता है कि उनके बेटे की हत्या करा दी गई। तभी तो उसकी कोई खोज खबर नहीं मिल रही है।