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Kanpur Year Ender 2024: सनसनीखेज और दर्दनाक वारदातें…खाकी वर्दी भी हुई दागदार…सुर्खियों में रहीं ये घटनाएं

Mon, 30 Dec 2024 12:26 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: इस साल शहर का सबसे बड़ा मामला शेयर कारोबारी की पत्नी एकता गुप्ता की हत्या का रहा। वहीं, दीपावली में दीपक से आग लगने से बिस्किट कारोबारी और पत्नी की मौत हुई थी। पढ़ें साल 2024 की क्राइम और पुलिस से जुड़ी प्रमुख घटनाएं।
 
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ekta murder case - फोटो : amar ujala
चार महीने बाद मिला एकता का कंकाल तो हिल गया शहर
इस साल शहर का सबसे बड़ा मामला शेयर कारोबारी की पत्नी एकता गुप्ता की हत्या का रहा। 24 जून को सिविल लाइंस निवासी एकता घर से ग्रीनपार्क स्थित जिम के लिए निकली थी पर लौटी नहीं। इस पर कारोबारी ने जिम ट्रेनर विमल सोनी पर अपहरण का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब चार महीने बाद पुलिस ने जिम ट्रेनर को 26 अक्तूबर को गिरफ्तार किया तो पता चला कि 24 जून को ही उसने एकता ही गला घोंटकर हत्या की थी। उसी दिन ही डीएम आवास परिसर स्थित ऑफिसर्स क्लब में शव दफना दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खोदाई तो एकता का कंकाल मिला। विमल का कहना था कि एकता शादीशुदा थी लेकिन उसका रिश्ता तय होने पर दोनों में विवाद होने लगा था। विमल का रोका होने पर एकता ने विरोध जताया तो उसने हत्या कर दी। 23 दिसंबर को विवेचक ने 700 पन्ने की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। इसमें 40 गवाह व 350 पन्ने की व्हाॅट्सएप चैट को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
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आईपीएस डॉ. आरके स्वर्णकार - फोटो : amar ujala
अपनों और शहरियों से तालमेल न बैठा पाने वाले कमिश्नर सिर्फ चार माह टिके
शहर के चौथे पुलिस कमिश्नर रहे आईपीएस डॉ. आरके स्वर्णकार तीन जनवरी को हटाए गए थे। वह महज चार माह के कार्यकाल में न तो शहरियों से तालमेल बैठा पाए और न ही विभागीय अधिकारियों से। शहर को हिला देने वाले मामलों (कुशाग्र हत्याकांड और नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म की वारदात) में मौके पर न पहुंचकर वह शहरवासियों की नाराजगी का शिकार बने। साथ ही ज्यादातर अधिकार अपने पास सुरक्षित रखने के कारण वह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी खटकने लगे थे। जनप्रतिनिधि भी उनसे खुश नहीं थे। उनकी अधिवक्ताओं और मीडिया से भी पूरे कार्यकाल में टकराव की स्थिति बनी रही। सोशल मीडिया पर अपराधी के साथ फोटो वायरल होने का भी खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
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दंपती का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दीपावली में दीपक से आग लगने से बिस्किट कारोबारी और पत्नी की हुई थी मौत
काकादेव स्थित पांडुनगर एच-1 ब्लॉक निवासी संजय श्याम दासानी के घर में दीपावली की रात पूजा घर में जल रहे दीपक से आग लग गई थी। हादसे के वक्त घर में सो रहे बिस्किट कारोबारी संजय उनकी पत्नी कनिका और नौकरानी छवि के साथ पालतू बिल्ली की भी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से तीनों की मौत होने की बात पुष्टि हुई थी। संजय के पास पारले-जी बिस्कुट फैक्टरी की फ्रेंचाइजी थी। घर की सुरक्षा में लगाए गए ऑटोमैटिक लॉक के न खुलने से ये लोग बाहर नहीं निकल पाए थे। सुबह बेटे हर्ष के घर लौटकर आने पर हादसे का पता चल पाया था।

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kanpur accident - फोटो : amar ujala
नाबालिग कार चालक की टक्कर से महिला की हो गई थी मौत, बेटी का टूट गया था बायां पैर और कूल्हा
दो अगस्त को साकेतनगर में टेलीफोन एक्सचेंज रोड पर नाबालिग छात्र ने स्टंटबाजी के चक्कर में स्कूटी सवार भावना मिश्रा को लग्जरी कार से टक्कर मार दी थी। कार की स्पीड 100 थी। सिर के बल गिरी भावना की मौके पर मौत हो गई थी। पीछे बैठी बेटी मेधावी करीब 20 मीटर दूर जाकर गिरी थी। उसका बायां पैर और कूल्हा टूट गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि कार में दो किशोर और दो किशोरियां बैठी थीं। सभी स्कूल बंक करके घूम रहे थे। पुलिस ने कार चालक किशोर को इटावा स्थित बाल सुधार गृह भेजा था। हादसे के बाद पुलिस ने कुछ दिन तक तो नाबालिग चालकों के खिलाफ अभियान चलाया, लेकिन बाद में सब ठंडा पड़ गया।
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कानपुर में भीषण सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
भौंती हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे में पीएसआईटी के चार छात्रों की गई थी जान
14 अक्तूबर को सुबह भौंती हाईवे पर दर्दनाक हादसे में पीएसआईटी के बीटेक के चार छात्रों समेत पांच की जान चली गई। छात्र जिस कार में थे, वह आगे चल रही डंपर से टकरा गई थी, तभी पीछे से आ रहे सरिया लदे ट्राॅला ने कार को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कार डंपर में चिपक गई। वैन चालक समेत सभी छात्रों के शवों को कार की छत और दरवाजे काटकर निकालना पड़ा था। डंपर और ट्राॅला के बीच क्रश हो जाने से हड्डियों का चूरा बन गया था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी नहीं समझ पा रहे थे कौन हड्डी किस अंग की है।
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अवनीश दीक्षित - फोटो : amar ujala
दर्ज हुआ इंटर रेंज का पहला गैंग
इस साल सिविल लाइंस में एक हजार करोड़ रुपये की नजूल की जमीन कब्जाने का मामला सामने आया। लेखपाल विपिन कुमार व परिसर में रहने वाले सैमुअल गुरुदेव सिंह की तहरीर अवनीश दीक्षित व उसके गुर्गों के खिलाफ कोतवाली थाने में दो मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस ने अवनीश समेत 32 लोगों को आरोपी बनाया था। हाल ही में कानपुर रेंज के क्षेत्रों में अपराध की घटनाओं को अंजाम देने वाले गैंग की सूची में अवनीश दीक्षित गैंग को रजिस्टर्ड किया गया है। यह रेंज का पहला गैंग है, इसलिए आईआर-वन नाम दिया गया है। पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए अवनीश व उनके गैंग के सदस्याें की अवैध संपत्तियों को चिह्नित करना भी शुरू कर दिया है। गैंग के खिलाफ कई थानों में डकैती, नजूल की जमीन पर कब्जे करने, वसूली, मारपीट, छेड़खानी समेत अन्य गंभीर धाराओं में एक दर्जन से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं। इसमें गैंग लीडर अवनीश दीक्षित, सदस्य हरेंद्र कुमार मसीह, राहुल वर्मा, विक्की चार्ल्स, संदीप शुक्ला उर्फ बउवन शुक्ला, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, नॉरिस एरियल, अर्पण एरियल, अली अब्बास, जीतेश झा, जितेंद्र शुक्ला, विवेक पांडेय उर्फ सोनू, मनोज यादव, मो. वसीम खान अखलाक अहमद शामिल हैं।
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दागी पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
चोरी का सोना हड़पने में एसओ रेलबाजार समेत छह पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित
इंसाफ दिलाने में मदद करने वाली पुलिस ही रेलबाजार में इस साल कटघरे में खड़ी मिली। बर्रा-छह निवासी शिक्षिका शालिनी दुबे के घर पर 30 सितंबर को हुई करीब 25 लाख की चोरी हुई थी। चोर गहने बेचने रेलबाजार के एक सराफा कारोबारी के यहां गया तो वहां पर रेलबाजार थानाध्यक्ष विजय दर्शन शर्मा और उनकी टीम ने उसे पकड़ लिया। चोर को गिरफ्तार तो नहीं किया लेकिन चोरी के गहने अपने पास रख लिए। बाद में उसी चोर को बर्रा पुलिस ने पकड़ा तो उसने विजय दर्शन के माल हड़पने की कहानी बयां की। बर्रा पुलिस की सूचना पर एडिशनल सीपी हरीश चंदर ने एसीपी कैंट से जांच कराई तो एसओ रेलबाजार विजय दर्शन शर्मा, प्रशिक्षु दरोगा नवीन श्रीवास्तव, हेड कांस्टेबल सुभाष तिवारी व हेड कांस्टेबल हामिल हफीज समेत छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। विजय दर्शन समेत चार पुलिस कर्मी विभागीय जांच में भी दोषी पाए गए हैं।
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एसीपी मोहम्मद मोहसिन खान - फोटो : amar ujala
एसीपी मोहसिन पर आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने लगाया यौन शोषण का आरोप
साल भर आरोप-प्रत्यारोप से घिरी रही पुलिस पर सबसे बड़ा दाग दिसंबर में लगा, जब एसीपी कलक्टरगंज मोहसिन खान पर आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया। 12 दिसंबर को एफआईआर दर्ज होने के बाद मोहसिन को लखनऊ पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसीपी मोहसिन 19 दिसंबर केा हाईकोर्ट से गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल करने पर स्टे हासिल कर लिया था। इस बीच पीएचडी छात्रा ने एसीपी और उसके अधिवक्ता गौरव दीक्षित के खिलाफ कल्याणपुर थाने में एक और एफआईआर दर्ज करा दी। छात्रा ने अपने बयानों में कहा था कि एसीपी मोहसिन ने अपनी शक्ति और प्रभाव का उपयोग कर डराने धमकाने और नुकसान पहुंचाने की हर संभव कोशिश की है।
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