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सीएसए के विज्ञानी ने एडवाइजरी जारी की
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र दिलीपनगर के विज्ञानी डॉ. खलील खान ने फसलों को बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। डॉ. खान ने बताया कि बदलते तापमान व कोहरे से फसलों में कीट व रोगों का खतरा हो सकता हैं। किसान गेहूं की बोआई के 20-30 दिन के बीच पहली सिंचाई के बाद पौधों में जिंक की कमी के लक्षण दिखें, तो पांच किग्रा जिंक सल्फेट तथा 16 किग्रा यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। खेत में जगह-जगह सूखी घास के छोटे-छोटे ढेर को रख देने से दिन में कटुआ कीट की सूड़िया छिप जाती है। इसे सुबह एकत्र कर नष्ट कर देना चाहिए। टमाटर, मिर्च फसल में विषाणु रोग का प्रकोप अधिक हो, तो इसका फैलाव राेकने के लिए डाईमिथोएट या इमिडाक्लोप्रिड एक मिली को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।