फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Violence: चंद्रेश्वर हाता कब्जाना चाहता था मुख्तार बाबा, एसआईटी के अफसरों ने किया दावा 

Thu, 23 Jun 2022 10:23 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
मुख्तार बाबा - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल में हाजी मुख्तार अहमद उर्फ मुख्तार बाबा अपने कुछ बिल्डर मित्रों के साथ मिलकर बवाल की आड़ में चंद्रेश्वर हाता पर कब्जा करना चाहता था। इसका खुलासा पूछताछ के दौरान मुख्तार बाबा ने किया।
एसआईटी अध्यक्ष डीसीपी साउथ संजीव त्यागी ने बुधवार दोपहर को मुख्य विवेचक एसीपी त्रिपुरारी पांडेय और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों के साथ मुख्तार बाबा से कर्नलगंज थाने में पूछताछ की।

एसआईटी का दावा है कि चंद्रेश्वर हाते को खाली कराने के लिए कुछ बिल्डरों ने पैसा लगा रखा था। 3 जून को जब भीड़ आई तो उसमें मुख्तार बाबा के लोग भी शामिल थे। पुलिस को एक फुटेज ऐसी भी मिली जिसमें सफेद रुमाल के साथ आरोपी भीड़ को हाते की तरफ बुला रहा है। पुलिस के अनुसार मुख्तार बाबा ने माना कि यह उसी का आदमी था। इस आंदोलन की आड़ में वे लोग चंद्रेश्वर हाता खाली कराने की योजना बना चुके थे।
विज्ञापन

2 of 6
Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
अब बाबा के परिजन और बिल्डर मोहम्मद वसी की बारी
रिमांड के दौरान हयात ने बिल्डर मोहम्मद वसी समेत छह बिल्डरों के नाम बताए थे। एसआईटी में शामिल अधिकारियों के मुताबिक अब इस मामले में अगली गिरफ्तारी मुख्तार के परिजन और बिल्डर मोहम्मद वसी की हो सकती है। मुख्तार बाबा का एक परिजन भी फंडिंग करने में शामिल था।
विज्ञापन

3 of 6
Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
तीन दिन में पांच लाख नकद दिए थे
मुख्तार बाबा से पूछताछ के दौरान एसआईटी को पता चला कि 1 जून से 3 जून के बीच हयात और उसके संगठन को पांच लाख रुपये दिए गए थे, जिसमें एक जून को उसे दो लाख रुपये नगद दिए गए थे।

4 of 6
Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
रेस्टोरेंट में बैठक कर होती थी प्लानिंग
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मुख्तार बाबा की गिरफ्तारी के बाद पता किया जा रहा है कि उसने बवाल में कितने रुपये खर्च किए और किसको-किसको रुपये बांटे? बवाल के पीछे और कौन लोग शामिल हैं? सूत्रों के अनुसार बेकनगंज स्थित रेस्टोरेंट में बैठकर ही दर्जनों बार बवाल की प्लानिंग की गई, यहां रुपयों के लेनदेन के कई सुबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
विज्ञापन

5 of 6
Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
हिंसा में कुल सात एफआईआर दर्ज
कानपुर में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने मामले में बेकनगंज थाने में तीन एफआईआर दर्ज की थी, इसमें 43 लोगों को नामजद और 1000 से ज्यादा अज्ञात आरोपी थे। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने पर चार एफआईआर दर्ज की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
एक सफेदपोश से रात भर हुई पूछताछ
हयात को फंडिंग करने के आरोपी एक सफेदपोश से एसआईटी ने पूरी रात पूछताछ की। पहले तो उसने साफ इनकार कर दिया लेकिन एसआईटी ने जब साक्ष्य दिखाए तो वह गुमराह करने लगा। इसके बाद उसने हयात से अपने संबंधों को स्वीकार लिया। ब्लड प्रेशर हाई होने का हवाला देते हुए वहां से निकल गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें