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Kanpur Violence: बवाल में शामिल एक और मुख्य आरोपी पूर्व सपा नेता गिरफ्तार, हिंसा से दो दिन पहले बुलाई थी बैठक

Sat, 11 Jun 2022 08:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पूर्व सपा नेता निजाम कुरैशी - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल में गिरफ्तारियां लगातार जारी हैं। शनिवार को पुलिस ने बवाल में शामिल एक और आरोपी पूर्व सपा नेता निजाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। निजाम कुरैशी हयात जफर हाशमी का करीबी है। उसी ने ही बवाल से दो दिन पहले हयात से मिलकर बंदी के संबंध में बैठक बुलाई थी। अब तक 54 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि बेकनगंज निवासी निजाम कुरैशी सपा का पूर्व नेता है। इसके साथ ही जमीयतुल कुरैश एसोसिएशन का अध्यक्ष भी है। हयात जफर हाशमी का वह काफी करीबी है। प्राथमिक जांच में पता चला कि बवाल से पहले हयात जफर और हाफिज फैजल जाफरी ने बैठकें की थी।

उन सभी बैठकों में निजाम कुरैशी मौजूद रहा। इसके अलावा एक जून को बेकनगंज स्थित अकबर आजम हॉल में हुई बैठक निजाम कुरैशी ने ही बुलाई थी, जिसमें निजाम ने हयात के साथ मिलकर बाजार बंदी का एलान किया था। पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं मेें एफआईआर दर्ज की है। 
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kanpur violence - फोटो : अमर उजाला
बंदी का मैसेज चलाने पर ग्रुप एडमिन पर रिपोर्ट
काकादेव पुलिस ने 10 जून को जुमे के दिन व्हाट्सअप पर भारत बंद का मैसेज चलाने वाले एक ग्रुप एडमिन शास्त्री नगर निवासी क्षितिज द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एसीपी स्वरूपनगर ब्रजनारायण सिंह ने बताया कि क्षितिज की ओर से बनाए गए ग्रुप में बंदी का मैसेज चल रहा था जिसका उसने विरोध नहीं किया था। एसआईटी के निर्देश पर उसपर माहौल बिगाड़ने, शांतिभंग, आईटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
नई सड़क पर लौट रही जिंदगी 
नई सड़क पर हालात सामान्य करने के लिए शनिवार को पुलिस फोर्स न के बराबर लगाया गया। पीएसी वहां से हटा ली गई। वहीं गलियों और मुख्य मार्केट पेचबाग में सर्किल फोर्स के साथ रिजर्व फोर्स मुस्तैद रही। वहीं दोपहर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना व ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश सद्भावना चौकी में मौजूद रहे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल स्थिति सामान्य देख वहां पर तैनात पीएसी और आरएएफ की फोर्स को हटा दिया गया।

बवाल के बाद पेंचबाग, बेकनगंज, चमनगंज समेत अन्य इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लगभग 3500 जवान तैनात किए गए थे। 12 कंपनी पीएसी और तीन कंपनी आरएफ तैनात थी। बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कई शहरों में हिंसा के बावजूद शहर में अमन चैन कायम रहा था। पुलिस के साथ शहर काजियों की टीमों ने माहौल बिगड़ने नहीं दिया। अवफाहों पर भी नजर रखी गई। सीपी और ज्वाइंट सीपी ने इलाके में गश्त करने के साथ संभ्रात लोगों से बात कर शांती व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।

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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
दुकानों पर लौटने लगी रौनक 
नई सड़क पर शनिवार को सभी दुकानें खुली रहीं। इस दौरान महिला खरीदारों की भी चहल कदमी रही। कूलर पंखे बनाने वाले कारीगर भी दुकानों पर लौट आए। कम पुलिस दिखने से माहौल भी एकदम सामान्य नजर आया।
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
निर्दोष होने के साक्ष्य देने पर मिलेगी राहत
पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना ने बताया कि उपद्रव में शामिल लोगों की काफी हद तक पहचान हो चुकी है। पुलिस द्वारा जारी पोस्टर में जिन उपद्रवियों की फोटो हैं उनमें से कुछ को छोड़ कर बाकी पकड़े जा चुके हैं। हिंसा में शामिल किसी भी शख्स को बख्सा नहीं जाएगा, वहीं जिनके निर्दोष होने के साक्ष्य मिलेंगे उन्हें राहत दी जाएगी। शनिवार देर शाम एक बार फिर फोर्स ने बेकनगंज क्षेत्र में गश्त की।
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