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Kanpur Violence: बिल्डर हाजी वसी की तीनों जमानत अर्जियां खारिज, चंद्रेश्वर हाता कब्जाने के लिए कराई हिंसा

Tue, 02 Aug 2022 09:53 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नई सड़क पर तीन जून को बंदी के आह्वान की आड़ में प्रदर्शन को उपद्रव का रूप देकर चंद्रेश्वर हाता कब्जाने की साजिश रचने वाले बिल्डर हाजी वसी की तीनों जमानत अर्जियां अपर जिला जज 16 जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने खारिज कर दी हैं।

एडीजीसी दिनेश अग्रवाल व विशेष लोक अभियोजक पंकज त्रिपाठी ने जमानत अर्जी के विरोध में तर्क रखा कि बिल्डर हाजी वसी व उसके मैनेजर हमजा, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा व उसके लड़के महमूद उमर को जानकारी मिल चुकी थी कि हयात बंदी जरूर कराएगा। इस पर वसी, हमजा, मुख्तार बाबा व उमर ने आपस में बैठक कर बंदी की आड़ में ही हिंसा फैलाकर चंद्रेश्वर हाता खाली कराने की साजिश रच डाली।
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
वहीं वसी की ओर से कहा गया कि वह बिल्डर है। पुलिस वाले और अन्य विभागीय अफसर अक्सर अवैध धन की मांग करते थे और न देने पर झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया। उसकी ओर से अनाधिकृत निर्माण कराए जाने के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया गया।
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
कहा कि उसने सरकारी अफसरों को अवैध धन देने के बजाय सरकारी खजाने में समन शुल्क जमा किया जिस पर साजिश के तहत उसे फंसाया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने हाजी पर लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।

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kanpur violence - फोटो : अमर उजाला
पत्थर ठीक से मारो, पैसा किस बात का लिया
बयानों से कई खुलासे हो रहे हैं। उपद्रव के दौरान अफजाल और बाबर भीड़ को ललकार रहे थे। पथराव करने वालों से कह रहे थे कि पुलिस वालों को पत्थर ठीक से नहीं लग रहे, तुम लोग पैसा किस बात का लिए हो।
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
वहीं ठिलिया वालों से बोला 22 हजार रुपये एडवांस लिए हैं और अब पत्थर पहुंचाने में नानी मर रही है। ऐसी बातें सुनने के बाद ही भीड़ और हिंसक हो गई। पुलिस वालों पर फायरिंग, बमबाजी और तोड़फोड़ की।

हाजी वसी शातिर अपराधी है। उसका आपराधिक इतिहास है। नई सड़क बवाल में बेकनगंज में दर्ज तीन मुकदमों में अलावा चमनगंज में आठ, बाबूपुरवा, रायपुरवा और अनवरगंज में एक-एक मुकदमा उस पर दर्ज है। जमानत खारिज होने का यह भी अहम कारण रहा।- दिनेश अग्रवाल, एडीजीसी

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