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UP: वर्तिका ने उगले राज- थोक बाजार में भी खपाईं नकली दवाइयां, जांच में कई शहरों से जुड़े मिले धंधे के तार

Sun, 12 Oct 2025 10:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि 2004 में राहुल अग्रवाल के पिता रामगोपाल अग्रवाल जहरीले कफ सिरप के मामले मेें जेल गए थे और राहुल अग्रवाल भी सात साल पहले नकली दवाओं के मामले में जेल जा चुका है। शहर व आसपास नकली दवाओं की सप्लाई के मामले में जांच की जाएगी।
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नकली दवा बनाने वाली श्री लक्ष्मी फार्मा के सामने खड़ी ड्रग विभाग की टीम - फोटो : amar ujala
कानपुर में पिता राहुल अग्रवाल के साथ वर्तिका नकली दवाओं के धंधे को संचालित कर रही थी। उसने नकली दवाएं शहर की थोक दवा बाजार में भी सप्लाई की है। ये राज वर्तिका ने लुधियाना की स्पेशल टास्क फोर्स की टीम के सामने उगले हैं। फोर्स वर्तिका को तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। वर्तिका ने शहर निवासी मोहम्मद हसन के साथ मिलकर लोकल दवा बाजार के अलावा आसपास के जिलों में नकली दवाओं की सप्लाई की है। पूछताछ में टीम को कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि सोमवार को वर्तिका को जेल भेजा जाएगा। टास्क फोर्स के जांच अधिकारी के मुताबिक वर्तिका ने बताया है कि लोकल बाजार के साथ आसपास के जिलों व ग्रामीण क्षेत्रों में बसों के जरिए माल भेजा जाता था। दूसरे राज्यों में ट्रेनों से सप्लाई करते थे। वर्तिका और मो. हसन नकली दवाओं को ब्रांडेड कंपनियों के बॉक्स में रखकर बेचने से मोटा मुनाफा कमा रहे थे। वर्तिका के अनुसार नकली दवाइयां बनाने की फैक्टरी उनके मेडिकल स्टोर के पीछे बनी तीन मंजिला बिल्डिंग में लगाई गई थी।
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इस तरह से पैक होकर बिक रहीं थी नकली दवाएं - फोटो : amar ujala
लुधियाना में भी कुछ ऐसे दुकानदारों का पता चला
दवाइयां पैक करने के बाद यहीं स्टीकर आदि लगाए जाते थे। इसके बाद पंजाब समेत देश के कई राज्यों के शहरों में नकली दवाइयां सप्लाई करने का गोरखधंधा चल रहा था। लुधियाना टीम के जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि आरोपी मोहम्मद हसन ने हर शहर में स्थानीय स्तर पर अपने सूत्र बना रखे थे। स्थानीय दुकानों पर काम करने वाले लड़के उसके संपर्क में थे, जो दवाएं सप्लाई करते थे। इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे। पुलिस को लुधियाना में भी कुछ ऐसे दुकानदारों का पता चला है, जिन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
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जांच करते ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल व रेखा सचान - फोटो : amar ujala
पिता और दादा अलग-अलग मामलों में जा चुके हैं जेल
उन्होंने बताया कि हसन और वर्तिका साथ में पढ़े हुए हैं और दोनों साथ मिलकर नकली दवाओं का काम करने लगे। हसन के मोबाइल नंबर से ही उसकी डिटेल निकाली जा रही है कि कानपुर में वह कहां रहता है।  वहीं जांच अधिकारी के अनुसार दवाओं के तार गुजरात के अहमदाबाद से खुले। इसके आधार पर जांच हुई और पता चला कि इसका कनेक्शन कानपुर और वर्तिका अग्रवाल से है। इसके पिता और दादा तो पहले ही अलग-अलग मामलों में जेल जा चुके हैं।

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ड्रग्स विभाग का छापा - फोटो : amar ujala
अगस्त में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था
ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि 2004 में राहुल अग्रवाल के पिता रामगोपाल अग्रवाल जहरीले कफ सिरप के मामले मेें जेल गए थे और राहुल अग्रवाल भी सात साल पहले नकली दवाओं के मामले में जेल जा चुका है। शहर व आसपास नकली दवाओं की सप्लाई के मामले में जांच की जाएगी। जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि अगस्त में एसटीएफ की टीम ने नकली दवाइयां सप्लाई करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। जब इस मामले की तह तक जाने की कोशिश की गई, तो पुलिस हैरान रह गई।
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ड्रग्स विभाग का छापा - फोटो : amar ujala
काफी समय से चला रही थी कारोबार
इस पूरे धंधे के तार देश के कई शहरों से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम को मिले सुराग में गुजरात के अहमदाबाद का भी पता चला। जहां पुलिस टीम ने कई मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। इस दौरान कानपुर कनेक्शन सामने आया। नकली दवाइयों की सप्लाई पंजाब ही नहीं बल्कि हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तरप्रदेश के कई शहरों में की जाती थी। नरेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने वर्तिका के फोन को कब्जे में लिया है। फोन से पुलिस को कई सुराग मिले हैं, जिससे यह पता चलता है कि वर्तिका काफी समय से नकली दवाइयां सप्लाई करने के इस धंधे को चला रही थी।
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नकली दवाएं हुईं जब्त - फोटो : amar ujala
हसन लेकर आता था ऑर्डर
वर्तिका का दोस्त मोहम्मद हसन है, जो कई राज्यों में दवाइयां सप्लाई करता था। वह ऑर्डर लेकर आता था और आगे सप्लाई करता था। वर्तिका के फोन से पुलिस को मोहम्मद हसन से हुई चैट, वॉइस कॉल की रिकार्डिंग, पेमेंट के लेन देन के बारे में कई सबूत मिले हैं। इससे जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तिका के बैंक अकाउंट की जांच कर पैसे के लेन-देन की एंट्री मिलाई जाएगी। नरेश कुमार के अनुसार जांच काफी लंबी चली है और आगे भी चलेगी। कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। शनिवार को अवकाश होने के चलते हसन के फोन से संबंधित कार्य नहीं हो सके हैं। रविवार को हसन की लोकेशन निकाली जाएगी।
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