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महज चार किमी दूर थी 'जिंदगी': तय हो जाती अगर इतनी दूरी तो बच सकती थीं 26 जानें, पर होनी को कुछ और था मंजूर

Sun, 02 Oct 2022 05:40 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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कानपुर सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में साढ़-भीतरगांव मार्ग पर शनिवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रखा दिया। हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार घायल ज्ञानवती ने बताया कि उनके छोटे बेटे अभी का मुंडन समारोह था। वह अपने पति राजू, दो बेटियों रिया व प्रिया, सास जानकी और गांव के अन्य लोगों के साथ मुंडन समारोह में उन्नाव स्थित मां चंद्रिका देवी गई हुई थीं। वहां से वापसी के समय हादसा हो गया था, जबकि उनके ससुर सिद्धि लाल घर पर ही थे। घर से चार किलोमीटर पहले ही हादसा हो गया। जिसमें 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में खंती से सभी को बाहर निकाला गया। हादसा इतना विभत्स था कि जिसने भी देखा उनके रोंगटे खड़े हो गए। 
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि भीतरगांव के कोरथा गांव निवासी राजू केवट के बेटे का शनिवार को मुंडन था। मुंडन में शामिल होने के लिए करीब 50 ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से फतेहपुर गए थे। शाम को लौटते समय गांव से करीब चार किमी पहले साढ़-भीतरगांव मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर खंती में पलट गई।
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
खंती में पानी भरा होने और ट्राली के नीचे दब जाने के कारण लोग निकल नहीं पाए। आसपास के लोगों ने करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद ट्राली को सीधा किया। इसके बाद एक-एक कर सभी को बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी थी।

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कानपुर ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा - फोटो : ani
मंदिर से निकलते ही लोगों ने पी शराब
ट्रैक्टर पर आगे बैठे सभी पुरुषों ने उन्नाव चंद्रिका देवी मंदिर से निकलते ही ट्रैक्टर हाइवे किनारे स्थित एक ठेके पर रोक दिए। ट्रॉली में बैठीं सभी महिलाएं, बच्चियां और बच्चे उन्हें शराब पीने से मना करते रहे, लेकिन कोई नहीं माना। शराब पीने के बाद राजू चाचा ट्रैक्टर बहुत तेज चलाने लगे। गांव से पांच किलो मीटर पहले पहुंचे ही थे कि ट्रैक्टर ट्रॉली एक गड्ढे में पड़ने ही अनियंत्रित हो गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता सड़क किनारे ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई। ट्राली में बैठीं सभी महिलाएं और बच्चे उसके भीतर कैद हो गए। इसके बाद वहां चीख पुकार मच गई। ये बात बात बताते हुए ट्रॉली में सवार राजा राम निषाद की बेटी प्रीति फफक कर रो पड़ी। वो कहे जा रही थी। सब लोगों ने मना किया, लेकिन किसी ने एक न सुनी। अगर लोग मान जाते तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। 
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
कोई मेरे बेटे और पति से मिला दे
अई हो रमऊ इ का हुई गवा। अब हम का करीं .... हम नाहीं जानीन की ई हुई जाई। हमां बेटवा कहां है। आंख में आंसू, बगल में बेटी और शरीर पर भीगे हुए कपड़े पहने एक महिला अपने पति राजू और मासूम बेटे अभी की तलाश में टकटकी लगाते देख रही थी। हर आने जाने वालों को देखते हुए पति और बच्चे के बारे में पूछते हुए दिखाई। वह भगवान कोसते हुए कह रही थीं कि दो बेटियों के बाद काफी मन्नत मांगने पर अभी पैदा हुआ था। मुंडन संस्कार के लिए पूरा परिवार गया था। हादसे में पूरा परिवार बिखर गया। न ही मेरे बेटे का पता चल रहा है और न ही पति का। कोई मेरे बेटे और पति से मिला दे। ये कहते हुए चिंघाड़ मारकर रो रही थी। हादसे के बारे में पूछते ही वह फफक पड़ती थी। वहीं बेटी का भी रो-रोकर बुरा हाल था।  
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कानपुर ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा - फोटो : अमर उजाला
हर तरफ चीख पुकार मची
हादसे की सूचना जब गांव पहुंची तो सैकड़ों ग्रामीणों का घटना स्थल पर मजमा लग गया। अपने की तलाश में लोग शवों के पीछे पीछे भागते हुए दिखाई दिए। हर तरफ चीख पुकार मची हुई थी। लोग दहाड़े मारकर रो रहे थे तो कुछ लोगों को शांत कराने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वह खुद अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। परिजनों और ग्रामीणों की चीत्कार सुनकर वहां मौजूद लोगों की भी आंख से आंसू झलक पड़ रहे थे।
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कानपुर ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा - फोटो : अमर उजाला
एक साथ गांव पहुंचे 26 शव
देर रात से सुबह तक चले पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव कोरथा गांव पहुंचे कोहराम मच गया। सभी मृतक एक ही गांव के होने की वजह से पूरे गांव से चीत्कार उठती रहीं।

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बच्चों को दफनाने के लिए खोदे गए गड्ढे - फोटो : अमर उजाला
मासूमों के शव छाती से लगाकर रोए
बच्चों की लाशें देखकर दहशत मच गई। बिलखते लोग यकीन नहीं कर पा रहे थे कि मासूम भी इस हादसे का शिकार हो गए। शवों को छाती से लगाकर रोते रहे। दुख का ऐसा पहाड़ टूटा कि उसकी भरपाई किसी के वश में नहीं थी। लोग सांत्वना तक नहीं दे पा रहे थे।

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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
घरों में दीया तक नहीं जला
बता दें कि कोरथा गांव कल से सूना है...न घरों मे दीया जला न चूल्हा। हर घर में मातम पसरा है। गलियों में सन्नाटा है। पूरा गांव ही खाली हो गया है। कोई घटना स्थल पर पहुंचा, तो कोई सीएचसी में बदहवास घूमता नजर आया। देर रात तमाम लोग कानपुर में हैलट अस्पताल भी पहुंचे। 

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कानपुर हादसा - फोटो : अमर उजाला
एक साथ जलेंगी 26 अर्थियां
साढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार शाम ट्रैक्टर ट्राली पलटने से हुए हादसे में 26 मृतकों  का आज अंतिम संस्कार होगा। गांव में सुबह से ही शवों का आना शुरू हो गया है। आंसुओं के सैलाब के बीच सुबह से अर्थियों को तैयार करने का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी पहुंचने की सूचना मिल रही है। संभवतः मृतकों का अंतिम संस्कार ड्योढ़ी घाट में होगा।
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घाटमपुर में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
बेबस लोगों के सामने खत्म हो गई जिंदगी
हादसा देख तमाम राहगीर भी वहीं पर खड़ हो गए थे। हर किसी को पता था कि ट्रॉली के नीचे पानी के भीतर दर्जनों लोग दबे हैं। वह बिलख रहे थे कि किसी तरह से उनको बाहर निकाल लिया जाए वरना वो मर जाएंगे। लेकिन, उनके वश में नहीं था। वह बेबस होकर खड़ रहे। क्योंकि दो चार दस लोगों के वश में नहीं था कि वह ट्रॉली हटाकर उनको बाहर निकाल पाएं।
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