कानपुर शहर में कागजों में सभी सड़कें गड्ढामुक्त हो गईं। नगर निगम ने शासन को भी सभी सड़कें गड्ढामुक्त होने की रिपोर्ट भेज दी। उधर, शासन ने भी गड्ढामुक्त अभियान की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए अभियंता भी नियुक्त किए हैं। बरसात में शहर की करीब एक चौथाई सड़कों में गड्ढे हो गए थे। रामादेवी से लेकर आईआईटी तक जीटी रोड, मैनावती मार्ग में अनगिनत गड्ढे थे। पनकी, कल्याणपुर, विश्वबैंक, बर्रा, आवास विकास सहित तमाम जगह सड़कों से गिट्टी तक गायब हो गई थी।
बरसात का मौसम खत्म होते ही शासन ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएच पीडब्ल्यूडी सभी क्षतिग्रस्त सड़कें दीपावली से पहले गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए थे। कई सड़कों में पैचवर्क ही नहीं हुआ। जहां हुआ उनमें से भी कई सड़कों में पैचवर्क के नाम पर गड्ढे भरते हुए समतलीकरण न होने से लाखों शहरवासी हिचकोले खाने के लिए मजबूर हैं। नगर निगम से ज्यादा बदतर हालत पीडब्ल्यूडी की सड़कों की है।