कोरोना से लड़ने के लिए कानपुर ने कमर कस ली है। कोरोना का संक्रमण फैलने पर रोगियों के इलाज के लिए व्यवस्था चाकचौबंद की जा रही है। कोरोना रोगियों के लिए 1171 बेड तैयार किए गए हैं। वहीं, 107 वेंटिलेटर भी हैं। इनमें हैलट के दो कोविड-19 अस्पताल व कांशीराम अस्पताल मिलाकर करीब साढ़े तीन सौ और सरसौल सीएचसी में 21 बेड में इलाज होगा।
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कांशीराम अस्पताल में तैयार किए गए वार्ड
- फोटो : amar ujala
इसके साथ ही निजी अस्पतालों को मलाकर करीब आठ सौ बेड की व्यवस्था क्वारंटीन में रखे जाने के लिए की गई है। इससे रोगियों को रखने और उनके इलाज में दिक्कत नहीं आएगी। हैलट के मैटरनिटी ब्लॉक में बनाए गए कोविड-19 हॉस्पिटल में सौ बेड की व्यवस्था की गई है।
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हर स्टेज के मरीज होंगे भर्ती
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इनमें कोराना के लेवल-1 संक्रमण वाले रोगियों का इलाज किया जाएगा। इसके अलावा न्यूरो साइंसेस में सौ बेड का कोविड-19 लेवल-3 अस्पताल बनाया गया है। इसमें कोरोना के गंभीर संक्रमण वाले रोगियों को इलाज के लिए रखा जाएगा।
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कांशीराम अस्पताल
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यहां पर कोरोना रोगियों के लिए आईसीयू की भी व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सर्जरी में आईसीयू बनाया गया है। इसमें रोगियों के लिए 50 बेड हैं। गंभीर रोगियों के इलाज के लिए रामादेवी स्थित कांशीराम हॉस्पिटल में भी व्यवस्था की गई है।
कोरोना नोडल अफसर डॉ. सुबोध प्रकाश ने बताया कि कांशीराम में सौ बेड की व्यवस्था रहेगी। प्रतिदिन नई सहूलियत जोड़ी जा रही है। कांशीराम में आईसीयू भी बनाया गया है। खासतौर से सरसौल सीएचसी का कोई रोगी गंभीर होता है तो उसे यहां रखा जाएगा।
रामा मेडिकल कालेज मंधना में - 250 बेड
नारायणा रिसर्च हॉस्पिटल में - 107 बेड
आईडीएच - 50 बेेड
ईएसआई किदवई नगर - 100 बेड
उर्सला हॉस्पिटल - 30 बेड
मेडिकल कालेज, जेके कैंसर, केपीएम समेत अन्य अस्पतालों में 263 बेड
वेंटिलेटर - 107