तुम चुनाव जिताओगे...लो अब जीतो चुनाव...कहते ही हत्यारे ने मेरे भतीजे को सरेआम गोली मार दी। इसके बाद गालियां बकते हुए मौके से अपने साथियों संग फरार हो गया। यह आरोप मृतक गौतम की अधिवक्ता चाची संगीता द्विवेदी ने दी गई तहरीर में लगाए हैं। उन्होंने कोतवाली थाना प्रभारी को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार को चुनाव समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:50 बजेे उनका भतीजा गौतम दत्त यूको बैंक के बाहर खड़ा था। तभी चुनाव में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर बादशाही नाका, जनरलगंज निवासी तरुण गुप्ता अपने तीन अज्ञात साथियों संग उसके पास आया और गालीगलौज करते हुए तमंचे से पेट में गोली मार दी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर गया। इस दौरान उसके तीन अन्य साथी भी गालीगलौज करते हुए फरार हो गए। किसी अनजान फोन से संगीता को घटना की जानकारी हुई।
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वकील की मौत के बाद हुआ हंगामा
- फोटो : amar ujala
जुए को लेकर पूर्व में हुआ था दोनों में विवाद
सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले जुआ खेलने के दौरान गौतम के जीतने पर तरुण ने उसे समझ लेने की धमकी दी थी। शुक्रवार को मौका मिलते ही आरोपी ने घटना को अंजाम दे दिया। चर्चा इस बात की भी रही कि तरुण को सत्ता पक्ष के एक विधायक का भी संरक्षण प्राप्त है।
डॉक्टर नहीं...भगवान के पास ले चलो भाई को....
गौतम की मौत की खबर पर मृतक की छोटी बहन हिमानी भी बिलखते हुए हैलट पहुंची। वह लोगों से भाई को उठा कर परमट मंदिर में भगवान भोले के दरबार में ले चलने की जिद करने लगी...। बोली ‘मेरे भाई को डॉक्टर ठीक नहीं कर पाएंगे...उसे शंकर भगवान के पास ले चलो...वो उसे ठीक कर देंगे’। वहीं बड़ी बहन हेमा की छह दिसंबर को ही फिरोजाबाद में शादी हुई है। वह कानपुर के लिए नकल चुकी है।
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वकील की मौत के बाद हुआ हंगामा
- फोटो : amar ujala
मतदान स्थगित करने के बाद शुरु हुआ बवाल
कानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव में मतदान के दौरान हुए हंगामे और बवाल के बाद एल्डर्स कमेटी ने मतदान को स्थगित कर दिया। इसके करीब आधे घंटे बाद तोप गेट के बगल में कुछ अधिवक्ताओं के बीच चुनावी चर्चा के दौरान संदिग्ध हालात में गोली चल गई, जो एक के हाथ से छूते हुए दूसरे अधिवक्ता गौतम दत्त (30) के पेट में जा धंसी।
वकील की हत्या के बाद तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
हैलट में लगा अधिवक्ताओं का जमावड़ा
हैलट में इलाज के दौरान गौतम दत्त की मौत हो गई। गोली किसने चलाई अधिवक्ता ये नहीं बता सके। इधर, वारदात के बाद फोर्स संग मौके पर पहुंचे डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य एकत्रित किए। गोली तमंचे से चली या पिस्टल से इसका पता नहीं चल सका है। अधिवक्ता के गोली लगने की जानकारी के बाद सैकड़ों अधिवक्ता अधिवक्ता हैलट पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते हैलट में आधा दर्जन से अधिक थानों के फोर्स के साथ आरआरएफ (रैपिड रिस्पांस फोर्स) तैनात करनी पड़ा।