संजीत अपहरण कांड में पकड़े गए आरोपियों ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि वे 13 जुलाई की रात फिरौती की रकम लेने गुजैनी फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे थे। रेलवे ट्रैक पर फेंका गया बैग साथी रामजी लेने पहुंचा था, लेकिन पास खड़ी पुलिस पर नजर पड़ने की वजह से वह बैग नहीं उठा पाया।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर बैग कौन ले गया? इस पर परिजनों ने इंस्पेक्टर बर्रा रणजीत राय पर फिरौती की रकम डकाराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा पैसे डकारने के कारण ही रणजीत राय फिरौती जाने के बाद भी अपनी कार से नहीं उतरे और लापरवाही दिखाते रहे।
विज्ञापन
3 of 6
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि 13 जुलाई को फिरौती वाला बैग फेंकने के बाद जब रणजीत राय को इसकी जानकारी दी गई तो उन्होंने बिना किसी कार्रवाई के लौट जाने के निर्देश अपने एक सिपाही को दिए थे। इस बात की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। पिता का आरोप है कि अगर उसी समय पुल के नीचे चेकिंग की जाती तो रणजीत राय का राज खुल जाता।
4 of 6
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
5 of 6
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा था। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया। चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी।
इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया। तीन दिन बाद 29 जून की शाम को संजीत के पिता चमन सिंह यादव को फोन कर फिरौती मांगी गई थी। परिजनों ने पुलिस के कहने पर मकान, जेवर बादि बेचकर जैसे तैसे 30 लाख रुपयों की व्यवस्था की और 13 जुलाई को अपहर्ताओं के सौंप दिए लेकिन पुलिस अपहर्ताओं को नहीं पकड़ पाई और वे 30 लाख लेकर भाग गए।