पुलिस ने संजीत के पिता चमन सिंह, मां कुसुमा देवी व बहन रुचि को रतनलाल नगर स्थित मकान में बुलाकर मुआयना कराया। फोरेंसिक जांच से अवगत करने पर चमन सिंह ने सवाल किया कि अपहर्ताओं ने बेटे की गला दबा कर हत्या करने की बात कबूल की है।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
ऐसे में कमरे समेत अन्य जगहों पर खून के धब्बे मिलने की बात पर कैसे विश्वास किया जाए। हॉल में लगी खिड़की के कांच टूटे होने पर सवाल उठाए। कहा कि हॉल से आवाज सड़क चलते राहगीर हो आसानी से सुनाई पड़ सकती है।
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गला घोटते समय संजीत जरूर चीखा चिल्लाया होगा। सड़क के व्यस्त रहने के बावजूद किसी को भनक तक नहीं लगाना बड़ी बात है। उनके कहने का आशय यही था कि बेटे को मकान में बंधक बनाकर रखा ही नहीं गया। फिर यहां बेटे की हत्या कैसे हो सकती है। परिजनों ने कहा कि पुलिस की कहानी पर विश्वास नहीं है। संजीत का शव मिलने के बाद खुलासे पर विश्वास होगा।
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- फोटो : अमर उजाला
फफक पड़ी संजीत की मां
पुलिस की कहानी सुनकर मां कुसुमा देवी फफक पड़ीं। बेटी ने उन्हें सहारा दिया। इस बीच परिजनों के साथ मौजूद भीड़ ने मकान की साफ सफाई करने वाले नौकर मोहित पर अपहर्ताओं से मिलीभगत की आशंका जता कर पीटने का प्रयास किया।
किसी तरह उसे बचाया गया। पिता ने कहा जब तक वह बेटे का शव नहीं देख लेते, तब तक उसकी हत्या किए जाने की बात पर भरोसा नहीं करेंगे। उन्होंने विधानसभा के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है।