विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई को अब आयकर के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने उससे 13 दिन तक लगातार पूछताछ की मगर आपराधिक घटना से उसका कोई कनेक्शन फिलहाल पुलिस को नहीं मिल सका है। इस कारण पुलिस ने उसे आयकर विभाग के हवाले कर दिया है।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग उसके और विकास दुबे के बीच हुए ट्रांजेक्शन की जांच-पड़ताल और कारणों के बारे में जानकारी जुटाएगा। उसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
2 जुलाई की रात बिकरू गांव में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इसी कार्रवाई के बीच पुलिस को विजय नगर से तीन लग्जरी गाड़ियां मिलीं जो अलग अलग नामों पर पंजीकृत थीं मगर उसका मालिक जय बाजपेई था।
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Kanpur encounter
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पुलिस को यह भी सूचना मिली कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल विकास दुबे और उसके परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में किया गया था। इस कारण पुलिस ने जय बाजपेई को उठाकर पूछताछ शुरू की। 13-14 दिन चली लंबी पूछताछ के बाद पुलिस को उन गाड़ियों का विकास दुबे के साथ कोई लिंक नहीं मिला।
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जय बाजपेई
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विकास दुबे और जय के बीच हुए ट्रांजेक्शन के कई सबूत मिले। जय विकास से पैसे लेकर उसे ब्याज पर लगाता था यह तथ्य भी पुलिस को पता चल गया। आपराधिक घटना में कोई लिंक न मिलने के कारण पुलिस ने जय बाजपेई को आयकर विभाग के हवाले कर दिया है।
जय को क्लीन चिट नहीं दी गई है। उसकी जांच जारी है। पुलिस ने कभी उसे हिरासत में नहीं लिया था। उसके विकास के साथ मिलकर आर्थिक अपराधों के बारे में जानकारी हुई है जिसके चलते उसे आयकर विभाग को सौंप दिया गया है। आयकर विभाग इस मामले में जांच करेगा। - दिनेश कुमार पी एसएसपी