विकास दुबे को मदद पहुंचाने के आरोप में एसटीएफ के हत्थे चढ़े शहर के नए नवेले अरबपति जय बाजपेई की संपत्तियों की जांच आयकर विभाग की बेनामी विंग ने शुरू कर दी है। बेनामी विंग इनकी घोषित और अघोषित संपत्तियों की पड़ताल करेगी।
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विकास दुबे का साथी जय बाजपेयी
- फोटो : amar ujala
अफसरों ने इसका ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। फिलहाल आर्यनगर, पनकी और स्वरूप नगर में स्थित सात संपत्तियों पर जांच केंद्रित की गई है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि पुलिस की अब तक की जांच में जय बाजपेई की अकूत संपत्तियों का जिक्र सामने आया है।
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अन्नू अवस्थी, जय बाजपेयी, पूर्व विधायक सतीश निगम के साथ विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
एक-एक संपत्ति की प्रमाणिक तरीके से जांच की जाएगी कि इन्हें खरीदने के लिए धन कहां से आया। यह भी देखा जाएगा कि ये संपत्तियां वास्तव में जय बाजपेई की हैं या विकास दुबे की। जय और इनके पारिवारिक सदस्यों के पास देश और विदेश में तीन दर्जन संपत्तियों होने की जानकारी सामने आई है।
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Kanpur Encounter Case
- फोटो : amar ujala
फिलहाल ब्रह्मनगर में छह मकान, आर्यनगर में एक अपार्टमेंट में आठ फ्लैट और पनकी में एक डयूप्लेक्स कोठी की जांच की जा रही है। इसके बाद अन्य संपत्तियों की जांच होगी। यह भी पता चला है कि जय और विकास दुबे का पैसा शहर के अस्पताल, होटलों और अपार्टमेंटों में लगा है।
बता दें ब्रह्म नगर का रहने वाला जय बाजपेयी करीब सात वर्ष पहले एक प्रिंटिंग प्रेस में महज कुछ हजार रुपये की नौकरी करता था। देखते-देखते वह अरबपति बन गया। बिकरू कांड के ठीक एक दिन बाद जय को काकादेव पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद यूपी एसटीएफ उसे पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई थी।