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Kanpur Encounter: विकास का साथ और बंदूक का शौक बना प्रभात की मौत, मां बोली फौज में जाना चाहता था इकलौता बेटा

Mon, 13 Jul 2020 02:20 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रभात मिश्रा एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
बिकरू हत्याकांड में पुलिस के हाथों मारे गए प्रभात मिश्रा को बंदूक लेकर चलना बेहद पसंद था। वह फोर्स में जाना चाहता था, लेकिन विकास दुबे के घर आने जाने की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। यह कहना है प्रभात की मां गीता मिश्रा का।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
गीता ने बताया कि इकलौते बेटे की मौत से उनकी तो जिंदगी ही तबाह हो गई है। बिकरू कांड में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या में प्रभात मिश्रा पुत्र राजेंद्र मिश्रा का नाम शामिल था। 7 जुलाई की सुबह पनकी थाना क्षेत्र के भौती के निकट पुलिस मुठभेड़ में प्रभात की मौत हुई थी।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
घटना के बाद से पिता राजेन्द्र घर से फरार हैं, वहीं मां गीता व अन्य परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। प्रभात की मां गीता के मुताबिक उनका बेटा बेकसूर था। केवल पड़ोसी होने का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा है। उसने यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा 66 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी।

 

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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
फोर्स में जाने की बात कहता रहता था।बंदूक टांग कर चलना बहुत पसंद था। शौक पूरा करने के लिए कभी-कभी वह विकास दुबे के घर आया जाया करता था। उन्हें क्या मालूम था कि यह शौक एक दिन उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
बता दें कानपुर एनकाउंटर के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच कुख्यात विकास दुबे के करीबी प्रभात मिश्राा को पुलिस ने नौ जुलाई को कानपुर में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। विकास दुबे के खास प्रभात मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कानपुर आ रही थी तभी बीच रास्ते में प्रभात ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, इसी दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग भी कर दी थी। पुलिस ने भी गोली चलाई तो प्रभात घायल हो गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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