कानपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात हुए एनकाउंटर में बदमाशों ने विदेशी पिस्टलों से भी फायरिंग की थी, एसटीएफ की पूछताछ में विकास दुबे ने इसका खुलासा किया था। एनकाउंटर में मारे गए और जेल भेजे बदमाशों के पास से ये पिस्टलें बरामद नहीं हुई हैं।
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Kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपियों के पास ये असलहे होंगे या फिर उन्होंने ठिकाने लगा दिए होंगे। एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक विकास ने बताया था कि अमर और प्रभात ने विदेशी सेमी ऑटोमैटिक पिस्टलों का इस्तेमाल किया था। गोलियां खत्म होने पर रायफल व फिर पुलिसकर्मियों के असलहे छीनकर गोलियां चलाई थीं।
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kanpur encounter
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अभी तक पुलिस विदेशी पिस्टल समेत कोई अन्य इस तरह का असलहा बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस की भी एके 47 और एक इंसास राइफल गायब है। ये सभी असलहे एक साथ ठिकाने लगाने की आशंका है। एसटीएफ को शक है कि असलहों की सप्लाई बिहार और मुंगेर से की गई।
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- फोटो : अमर उजाला
गोलियां दे रही थी अमर की मां
पुलिस ने एनकाउंटर में मारे गए बदमाश अमर दुबे की मां शांति देवी को भी जेल भेजा है। उस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने अपनी जांच में लिखा है कि जब हमला हुआ था तो शांति देवी वहां मौजूद थी। जब अमर की गोलियां खत्म हुईं तो उसने ही गोलियां उसको दीं।
गांव के 18 लोग रडार पर
पुलिस के मुताबिक बिकरू गांव के 18 लोगों के पास शस्त्र लाइसेंस हैं। ये सभी लोग पुलिस और एसटीएफ की रडार पर हैं। पुलिस लाइसेंस धारकों की कुंडली खंगाल रही है। पूछताछ के साथ असलहों की जांच होगी।