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Vikas Dubey: एनकाउंटर वाले दिन कार के पीछे के दरवाजे से भागा था विकास दुबे, गले नहीं उतर रहा गाड़ी बदलने का तर्क

Wed, 15 Jul 2020 10:15 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे भौंती में कार पलटने के बाद पीछे वाले दरवाजे से बाहर निकला था। जब एसटीएफ ने पीछा किया, तो उसने तीन राउंड गोली चलाई थी। एक गोली सीओ एसटीएफ के सीने में लगी थी। चूंकि सीओ ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहना हुआ था तो उनकी जान बच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने छह गोलियां चलाई थीं। इसमें विकास को तीन गोलियां लगीं और वह ढेर हो गया।
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
यह खुलासा मुठभेड़ की दर्ज कराई गई एफआईआर से हुआ है। एफआईआर सीओ एसटीएफ टीबी सिंह ने दर्ज कराई है। इसके मुताबिक बारा टोल प्लाजा क्रॉस करते ही भारी बारिश शुरू हो गई। जिस कार में विकास दुबे बैठा था, उसमें इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, सिपाही प्रदीप कुमार, दरोगा अनूप सिंह, पंकज सिंह व एक अन्य सिपाही भी था। 

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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
मवेशियों के दाएं तरफ से आने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी बाएं काटी और डिवाइडर से टकराकर पलट गई। सभी पुलिस वाले अचेत अवस्था में हो गए। इस दौरान विकास दुबे ने इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी की पिस्टल छीनी और कार के पीछे वाले दरवाजे से भाग निकला। 

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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कच्ची सड़क से खेत की तरफ विकास भाग रहा था कि पीछे से वो खुद (सीओ एसटीएफ) टीम के साथ पहुंचे। पीछा करने पर विकास ने उन पर गोलियां दागीं। एक गोली सीओ के बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद दो गोली एसटीएफ सिपाही शिवेंद्र सिंह सेंगर और विमल कुमार को लगी। जवाबी कार्रवाई में विकास मारा गया।
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
इन्होंने चलाईं गोलियां
एफआईआर के अनुसार दरोगा विनोद सिंह ने सरकारी पिस्टल से एक, सिपाही विमल कुमार ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से दो और एसटीएफ के कमांडो सर्वेश ने एके-47 से तीन गोलियां चलाईं। घटनास्थल से दो खोखे बरामद हुए। दावा है कि बारिश और मिट्टी गीली होने की वजह से खोखे कहीं लापता हो गए। 
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विकास दुबे मुठभेड़ में मारा गया - फोटो : सोशल मीडिया
गले नहीं उतर रहा कार बदलने का तर्क 
एफआईआर में एसटीएफ ने दावा किया है कि सुरक्षा कारणों से विकास दुबे को एक के बाद गाड़ियां बदलकर बैठाया गया। ताकि यह न पता चले कि वो किस गाड़ी में है। वहीं कैमरे में विकास सफारी कार में बैठा नजर आया था जबकि पलटने वाली कार महिंद्रा की टीयूवी थी। ऐसे में पुलिस का तर्क इसलिए नहीं हजम हो रहा कि एसटीएफ की फ्लीट में सफारी, इनोवा और एक टवेरा कार थी। हर टोल नाके और मीडिया के कैमरों में यही गाड़ियां कैद हुईं। सवाल है कि यह टीयूवी अचानक कहां से आ गई।
 
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