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Kanpur Encounter: एसआईटी ने खंगाला विकास दुबे का आपराधिक इतिहास, बिकरू गांव में डेढ़ घंटे रुके अधिकारी

Sun, 12 Jul 2020 08:27 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए एनकाउंटर के मामले की जांच एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) ने शुरू कर दी है। एसआईटी रविवार को बिकरू गांव पहुंची और ग्रामीणों के बयान लिए। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। उसके बाद शिवली और चौबेपुर थाने में विकास दुबे का आपराधिक इतिहास खंगाला।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
शहर पुलिस से एनकाउंटर संबंधी एफआईआर और अब तक की कार्रवाई का ब्योरा लिया। रविवार सुबह करीब 11 बजे एसआईटी के मुखिया अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी, एडीजी हरिराम शर्मा और आईजी जे रवींद्र गौड़ बिकरू गांव पहुंचे।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
सबसे पहले जमींदोज किए गए विकास के घर की छानबीन की। फिर जहां पांच पुलिसकर्मियों के शव जलाने के लिए इकट्ठा किए गए थे, उस जगह का निरीक्षण किया। विकास के मामा का घर, जहां डीएसपी देवेंद्र मिश्र की नृशंस हत्या की गई थी, टीम वहां भी पहुंची। इसके बाद एसआईटी शिवली थाने और आखिर में चौबेपुर थाने गई। यहां से विकास का पूरा रिकार्ड निकाला। केसों से जुड़े तमाम दस्तावेज भी ले गई। दोनों थानों में एक से डेढ़ घंटे तक टीम रही।

 

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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
ग्रामीणों ने बताई जुल्म की दास्तान
बिकरू गांव में एसआईटी ने छह और शिवली में पूर्व चेयरमैन लल्लन बाजपेई समेत आठ-दस लोगों से पूछताछ की। लोगों ने बताया कि किस तरह से विकास दुबे उन पर जुल्म करता था। जमीन कब्जा करने से लेकर वसूली और मारता पीटता था। विकास की दहशत से थाना पुलिस खामोश रहती थी।

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
बता दें दो जुलाई की रात को बिकरू स्थित विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस कर्मियों पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। जिसके बाद विकास फरार हो गया। पुलिस ने एक एक कर विकास के पांच साथियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया।

 
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नौ जुलाई को एमपी पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद कानपुर लाते समय कार पलटने के दौरान विकास ने पुलिस कर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। विकास के एनकाउंटर के बाद यूपी सरकार सवालों के घेरे में है।
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