फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जय से नहीं खाई गई जेल की दाल-रोटी, टहल कर कट रही रातें, कोरोना का डर, 20 दिन के लिए क्वारंटीन

Thu, 23 Jul 2020 08:57 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
विज्ञापन
1 of 5
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
विलासिता की जिंदगी जीने वाले और कुख्यात विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की रातें जेल में टहल कर कट रही हैं। उसे जेल की दाल-रोटी अच्छी नहीं लग रही है। इसलिए दिन में एक या आधी रोटी ही खा रहा है। फिलहाल उसे व उसके साथी प्रशांत को नए बंदियों के साथ 20 दिन के लिए अलग बैरक में क्वारंटीन किया गया है।

विज्ञापन

2 of 5
जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
उसका साथी प्रशांत भी गुमसुम है। बिकरू गांव में दो जुलाई की रात कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था। इसमें सीओ समेत आठ लोग शहीद हो गए थे। पुलिस की छानबीन में सामने आया था कि कानपुर का जय बाजपेई विकास की अवैध कमाई को व्यापार में लगा कर मदद करता था।

 
विज्ञापन

3 of 5
जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
उसने मुठभेड़ से पहले अपने साथी प्रशांत शुक्ला के साथ विकास को असलहे व कारतूस भी मुहैया कराए थे। पुलिस ने जय व प्रशांत को सोमवार को माती स्थित एंटी डकैती कोर्ट में पेश किया था। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।

 

4 of 5
जयकांत बाजपेई पत्नी के साथ - फोटो : अमर उजाला
जेल में दोनों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद नए बंदियों के साथ अलग बैरक में क्वारंटीन किया गया है। एसी कमरे में आराम की नींद लेने वाला जय को जेल में जमीन पर सोने के लिए सिर्फ दरी मिली है। इससे उसे नींद नहीं आ रही है। सोमवार शाम को खाने में दाल व रोटी दी गई।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जयकांत बाजपेई पत्नी के साथ - फोटो : अमर उजाला
उसने खाने से इंकार कर दिया था। मंगलवार सुबह नाश्ते में चने दिए थे। उसने चने खाए थे। जेल की दाल-रोटी उसे रास नहीं आ रही है। बुधवार दोपहर उसने सिर्फ एक रोटी खाई। फिलहाल उसे बैरक में अन्य बंदियों के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए क्वारंटीन किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें