कानपुर में महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में 18 जुलाई को मिले क्रोमियम युक्त औद्योगिक कचरे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना को 13 दिन बीत जाने के बाद भी कचरा वहीं पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भूगर्भ जल के दूषित होने का डर सताने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव से सटे छिवली का पानी खराब हुआ था।
इसके बाद पुरवामीर गांव में स्थित तरंग रेस्टोरेंट की एक बोरिंग भी खराब हो गई थी। अब इस कचरे के चलते स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों का मानना है कि बारिश का पानी इस कचरे में रिसकर खेतों और फिर तालाबों के माध्यम से भूजल को प्रदूषित कर देगा। नाम न छापने की शर्त पर औंग कस्बे के कुछ मजदूरों ने बताया कि रासुपुर में स्थित एक फैक्टरी, जिसे खबरें छपने के बाद एक कद्दावर नेता के कहने पर बंद कराया गया था।