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Kanpur Bank Theft: चोर करके आए थे होमवर्क, छत से लगाया स्ट्रांग रूम का पता, पुलिस को अब तक नहीं मिला सुराग

Sun, 25 Dec 2022 07:07 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में पड़ोसी के प्लॉट से सुरंग खोदकर गुरुवार रात एसबीआई की भौंती शाखा के स्ट्रांग रूम में पहुंचकर गोल्ड वॉल्ट से 1.812 किलो सोना चोरी करने के मामले में पुलिस के हाथ इसलिए खाली हैं, क्योंकि चोर अपना होमवर्क करके आए थे, जबकि पुलिस वारदात के दिन भी फेल रही। अब जांच पड़ताल में भी ढीली है।

48 घंटे बाद भी कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा। न सीसीटीवी कैमरों से सुराग मिला। न ही सर्विलांस टीम को कुछ मिला, जिससे जांच को दिशा मिल सके। हालांकि डीसीपी पश्चिम विजय ढुल का कहना है कि जल्द ही मामले में खुलासा कर दिया जाएगा।

चोरी हुए सोने पर था, 63 लाख का लोन
बैंक मैनेजर नीरज राय ने बताया कि 29 ग्राहकों ने गोल्ड पर 63 लाख रुपये का लोन लिया था। शनिवार को बैंक बंद होने के चलते कोई ग्राहक बैंक नहीं आया था, लेकिन 15 लोगों ने कॉल कर इस संबंध में पूछताछ की थी। बैंक मैनेजर के अनुसार आठ दिसंबर को बैंक का ऑडिट था।
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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
ऑडिटर सुरक्षा व्यवस्था को भी परखते हैं। ऐसे में ऑडिटर की रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं कि अगर बैंक की सुरक्षा व्यवस्था ठीक थी, तो स्ट्रांग रूम में रखी तिजोरी का लॉकर टूटने पर सायरन क्यों नहीं बजा। बता दें कि पिछले 15 दिनों से बैंक में ऑडिट टीम आई थी। गुरुवार को ही ऑडिट टीम लौट गई थी। उनके जाते ही वारदात को अंजाम दे दिया गया।
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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
एक माह की फुटेज देखेंगे
बैंक में लगे 11 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के लिए पुलिस ने डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) जब्त कर लिया है। वह एक माह के फुटेज खंगालने के लिए डिलीट हुई रिकार्डंग भी रिकवर कराएगी। यदि कोई संदिग्ध किसी बैंक कर्मी से अक्सर मिल रहा होगा, तो बैंककर्मी से पूछताछ होगी।

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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
छत से लगाया स्ट्रांग रूम का पता
पुलिस का अनुमान है कि चोरों ने बैंक की छत पर पहुंचकर स्ट्रांग रूम का अनुमान लगाया होगा, क्योंकि छत पर पहुंचना आसान है। वहीं जांच में सामने आया कि बैंक के पीछे कोई मकान नहीं है। यदि चोरों ने ड्रिल मशीन चलाई होगी तो भी किसी ने नहीं सुनी होगी।
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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की माने तो पीआरवी रात 11 बजे से 1 बजे तक खड़ी थी, तो उसे ड्रिल मशीन की आवाज क्यों नहीं सुनाई दी। रात के समय पुलिस का मूवमेंट बैंक के पास होता है, लेकिन बीते तीन दिनों से पुलिस का मूवमेंट बैंक के पास ज्यादा नहीं हुआ था। यदि पुलिस रोज गश्त करती, तो उसे खोदाई की भनक तक क्यों नहीं लगी। 
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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
खोदकर वहीं निकले, जहां कैमरे की नजर नहीं थी
सुरंग के जरिये शातिर जब स्ट्रांग रूम में पहुंचे, तो उन्होंने फर्श भी वहां से तोड़ा जहां चारों कैमरों से किसी की भी नजर नहीं थी। बैंक में लगे बाकी कैमरे भी ऐसे लगे थे, जिसमें बदमाशों की चहलपहल नजर नहीं आई। फोरेंसिक टीम को घटनास्थल से तीन अलग-अलग तरह के शू प्रिंट मिले हैं।
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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंचा खोजी कुत्ता भी हाईवे से सटे जंगल में जाकर भटक गया। वारदात को अंजाम देकर चोर जंगल से होकर ही निकले थे। पुलिस के अनुसार जितने भी बदमाश थे, वह छोटे कद काठी के थे। वहीं सर्विलांस टीम ने तीन टॉवरों के नंबर डंप किए हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।

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kanpur bank robbery - फोटो : अमर उजाला
पेट्रोल पंप पर खड़ी रही थी पिकेट
बैंक के सामने इंडियन ऑयल का पेट्र्रोल पंप है। पुलिस की जांच में पता चला कि शुक्रवार रात करीब 11.45 बजे पुलिस की एक पिकेट पेट्रोल पंप के पास खड़ी थी। जो देर रात करीब एक बजे वहां से चली गई। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि पुलिस पिकेट के जाने के बाद शातिरों ने वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
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सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस की एक थ्योरी यह भी
पुलिस की एक थ्योरी यह भी है कि यदि आरोपी कम होंगे, तो सुरंग खोदने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय चाहिए। बैंक में 15 दिनों से ऑडिट का भी काम चल रहा था, जिस कारण शातिरों ने सुरंग बनाने का कार्य बीच में रोक भी दिया होगा।। इस कारण घटना को अंजाम देने में लगभग 20 दिन का समय लग सकता है।
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