कानपुर देहात में पुलिस हिरासत में मारे गए व्यापारी बलवंत सिंह की पत्नी शालिनी सिंह ने रविवार को दो वीडियो जारी किए हैं। इसमें उसने कहा है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह बच्चों के साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह कर लेगी। रविवार की दोपहर में जारी पहले वीडियो में शालिनी ने कहा कि उसे लग रहा है कि प्रदेश सरकार अपराधियों के दबाव में है, उसे न्याय दिलाने में नाकाम दिख रही है। एसपी ने घटना के बाद दोषियों पर कार्रवाई के लिए 48 घंटे का समय मांगा था। अब इसमें 24 घंटे का समय बचा है। अगर न्याय नहीं मिला तो वह बच्चों के साथ पीएम आवास के बाहर आत्मदाह कर लेगी। वहीं, शाम को जारी दूसरे वीडियो में शालिनी ने जल्द न्याय न मिलने पर सीएम आवास के बाहर आत्महत्या करने की बात कही है।
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व्यापारी बलवंत की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर देहात पुलिस ने बेरहमी से लाठियों से पति को पीटा। करंट लगाया और हड्डियां तोड़ दीं। पिटाई के दौरान वो खूब चीखे चिल्लाएं होंगे। बलवंत की मौत के पांच दिन बाद उसकी पत्नी शालिनी का यह दर्द छलक रहा है।
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बलवंत की पत्नी शालिनी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
लालपुर सरैंया गांव में पुलिस हिरासत में मरे बलवंत के परिवार से जो भी मुलाकात करने आ रहा है, सभी से शालिनी पति पर हुए पुलिसिया जुल्म की कहानी सुनाते-सुनाते फफक पड़ती है। कुछ देर बाद वह रोते हुए अपने कमरे की तरफ चली जाती है। शालिनी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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बलवंत की फाइल फोटो व बच्चे के साथ पत्नी शालिनी
- फोटो : अमर उजाला
हर रोज कोई न कोई नेता, समासेवी संगठन के लोग और पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने लालपुर सरैंया गांव जा रहा है। कोई भी परिवार का दर्द जानने का प्रयास करता है तो माता-पिता व बहू की आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं।
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बलवंत की पत्नी और बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को करणी सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे थे। वीरू ने जैसे ही पूछा कि यह सब कैसे हो गया। तभी शालिनी ने बोलना शुरू किया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कहा कि उनको बहुत बेरहमी से मारा गया है। उनके हाथ बंधे हुए थे। वह खुद को बचाने के लिए बार-बार हाथ घुमा रहे होंगे, तो उनके हाथ से खून रिसा होगा। उसके निशान उनके हाथों पर थे। नाखून खींच कर तोड़ दिए गए थे, दर्द से वे कितना तड़पे होंगे। जब शालिनी अपना दर्द बयां कर रही थी तो बहुत मजबूर नजर आ रही थी। वह हर आने-जाने वाले को पति के दर्द को बताती है, जिससे कोई उसे इंसाफ दिला सके। शालिनी यह बातें कर रही थी तो उसकी आंखों से आंसू टपक रहे थे।
आतंकी को भी इतना नहीं पीटा जाता
बलवंत के पिता मुन्ना सिंह का कहना है कि जिस बेरहमी से मेरे लाल को मारा गया, इतना तो कोई आतंकी को भी नहीं मारता है। मां मामता ने रोते हुए कहा कि कोई मेरे लाल को लौटा दे। हमारे पूत ने किसी का क्या बिगाड़ा था, जो उसे पीटकर मार डाला। अब हमारी देखभाल कौन करेगा, कौन पालेगा इन बच्चों को। कोई हमारा लाल वापस ले आओ।