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कन्नौज हादसा: दो तस्वीरों से जानिए... बचाव कार्य में कैसे रह गईं खामियां? गुस्साए लोगों का जेसीबी पर पथराव

Sun, 12 Jan 2025 10:20 AM IST
शाहरुख खान अभिषेक द्विवेदी, अमर उजाला, कन्नौज

सार

अमृत भारत योजना के तहत जिस रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह बनाने की परिकल्पना की गई थी। वह रेलवे के लचर प्रबंधन और इंजीनियरिंग की दक्षता की भेंट चढ़ गई। लिंटर डालते समय कंपनी और रेलवे के इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं थे।
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kannauj railway station accident - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में देरी हुई तो अपनों को तलाशने के लिए मजदूरों के परिजन खुद ही मलबा हटाने लगे। मौके पर जिला प्रशासन पहुंचा तो वहां आम लोग और यात्री भी घायलों को निकालकर अस्पताल भेज रहे थे। इसके बाद नगर पालिका से 50 सफाई कर्मियों को बुलाकर मलबा हटाने का काम शुरु किया गया। इनके अप्रशिक्षित होने की वजह से मलबा हटाने में तेजी नहीं आ पाई। बाद में एक जेसीबी, एक क्रेन को भी बुलाया गया। इसके बाद मलबा हटाने में कुछ तेजी आई। 

 
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kannauj accident - फोटो : amar ujala
मलबा हटाने में देरी होने पर गुस्साए लोगों ने जेसीबी पर पथराव कर दिया, पुलिस को बचाव करना पड़ा
जेसीबी और क्रेन की सहायता से मलबा हटाया जा रहा था, लेकिन सरियों के जाल की वजह से जेसीबी तेजी से कार्य नहीं कर पा रही थी। इसी के साथ नगर पालिका के सफाईकर्मी भी गीले कंकरीट के मलबे को तसलों में भरकर हटा रहे थे। मोटी सरिया काटने के लिए ग्राइंडर और कटर नहीं थे। इस वजह से राहत एवं बचाव कार्य में काफी देरी हो रही थी। इस पर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा था। इसी बीच कुछ आक्रोशित लोगों ने जेसीबी पर पत्थर भी मारा, जिससे उसका शीशा भी टूट गया। 
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kannauj accident - फोटो : amar ujala
अमृत योजना में रेलवे की लापरवाही ने घोला विष
अमृत भारत योजना के तहत जिस रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह बनाने की परिकल्पना की गई थी। वह रेलवे के लचर प्रबंधन और इंजीनियरिंग की दक्षता की भेंट चढ़ गई। लिंटर डालते समय कंपनी और रेलवे के इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं थे। मकान बनाने वाले राज मिस्त्री और मजदूरों से काम करवाया जा रहा था। साथ ही शटरिंग में भी खामियां थीं जो हादसे की मुख्य वजह बनीं। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। रेलवे ने भी जांच कराने की बात कही है।
 

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kannauj accident - फोटो : amar ujala
रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह बनाने की थी योजना
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कन्नौज के रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए 13.50 करोड़ रुपये की धनराशि से स्टेशन के पुराने भवन को गिराकर नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा था। पहले निर्माण की जिम्मेदारी बदायूं की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई थी, लेकिन कार्य की गुणवत्ता खराब होने पर ब्लैक लिस्टेड करते हुए हटा दिया गया था। 
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kannauj accident - फोटो : amar ujala
शटरिंग का ठेका था बरेली के हनीफ के पास
इसके बाद रेलवे ने दूसरा टेंडर किया जिसमें देवरिया की आशुतोष इंटरप्राइजेज को ठेका दिया गया। इस कंपनी ने प्रतीक्षालय, बुकिंग हॉल व शौचालय का लेआउट तैयार कर 150 मीटर का स्ट्रक्चर खड़ा किया। शटरिंग का ठेका बरेली के मोहम्मद हनीफ को दिया गया था। बताया गया कि शटरिंग ठेकेदार ने पहली बार इतना बड़ा ठेका लिया था, जिसे हैवी कंस्ट्रक्शन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
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kannauj accident - फोटो : amar ujala
उसने एक मंजिल तक लोहे के पाइप के सहारे स्ट्रक्चर खड़ा किया और उस पर प्लाईबोर्ड और लकड़ी की लेयर लगा दी। इसके बाद फिर शटरिंग करते हुए लिंटर तक पहुंचा दिया गया। मौके पर काम कर रहे मजदूर ध्रुव ने बताया कि शटरिंग में लगे लकड़ी के बल्ले वजन पड़ते ही टूटकर गिरने लगे और कुछ ही पल में लिंटर भरभराकर नीचे आ गया। इस हादसे के बाद ठेकेदार रामविलास रॉय मौके से भाग निकला। 
 
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kannauj accident - फोटो : amar ujala
चार घंटे देरी से पहुंची एनडीआरएफ की टीम
घटनास्थल पर पहुंचे डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने एनडीआरएफ की टीम को सूचना दे दी। इसके बाद मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडयन ने एनडीआरएफ के डीजी से वार्ता की तब जाकर छह बजे के बाद एनडीआरएफ और कानपुर से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर रात तक दोनों टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई थीं। वहीं, कासगंज से रेलवे की दुर्घटना राहत टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई। देर रात तक सरिया और पिलर काटकर मलबा हटाने का काम जारी था।

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kannauj accident - फोटो : amar ujala
डॉग स्क्वाड ने भी की खोजबीन
रेलवे स्टेशन पर मलबे में दबे मजदूरों का पता लगाने के लिए डॉग स्क्वाड भी मौके पर पहुंचीं। खोजी कुत्तों ने काफी देर तक खोजबीन की। डॉग स्क्वायड की टीम एनडीआरएफ द्वारा लाई गई थी। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल का कहना है कि जो मजदूर घायल हुए हैं, वह अस्पताल में भर्ती हैं। अभी कोई जनहानि की सूचना नहीं है। मलबा पूरी तरह साफ होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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kannauj accident - फोटो : amar ujala
घटनाक्रम मिनट दर मिनट
2.10 बजे निर्माणाधीन भवन का लिंटर गिरा
2.38 : एसडीएम और शहर कोतवाल पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे
2.45 : एएसपी अजय कुमार पहुंचे।
2.45 : घायलों को निकालकर अस्पताल भेजा गया
2.55 : सीओ सिटी कमलेश कुमार और अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस पहुंची
3.00 : नगर पालिका से जेसीबी को बुलाया गया
3.05: समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, एडीएम आशीष सिंह पहुंचे
3.10 : डीएम शुभ्रांत शुक्ल व एसपी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे
4.30: मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडयन व डीआइजी जोगिंदर कुमार
6.10 : एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
6.40 : डीआरएम वीणा सिन्हा घटनास्थल पर पहुंची


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