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कन्नौज हादसा: मलबे में जब कोई दबा नहीं मिला तो जवानों की दूर हो गई 12 घंटे की थकान, चेहरे पर छाई खुशी

Mon, 13 Jan 2025 12:35 AM IST
शिखा पांडेय अभिषेक द्विवेदी, अमर उजाला, कन्नौज

सार

कन्नौज हादसे में मलबे में जिंदगियां खोजने की जद्दोजहद 12 घंटे तक चली। जब कोई नहीं मिला तो लोगों ने राहत की सांस ली। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने कहा कि शुक्र है किसी की जान नहीं गई, मेहनत सफल हो गई।
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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन भवन का लिंटर गिरने के बाद मलबा हटाने में 16 घंटे लग गए। शुरूआत के चार घंटे में नगर पालिका के 50 कर्मचारी और लोगों ने किसी तरह मलबा हाटाकर 26 मजदूरों को मलबे से बाहर निकाल लिया था। इसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि मलबे में कई मजदूर और दबे हैं। इन्हें खोजने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया गया। दोनों बचाव दल के जवानों ने 12 घंटे तक लगातार कार्य किया।

उनकी कोशिश थी कि किसी भी हालत में कोई जान नहीं जानी चाहिए। मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए उन्होंने डॉग का भी सहारा लिया। उसकी पुष्टि के बाद भी जवान सावधानी से काम करते रहे। इस बीच कई बार अवरोध उत्पन्न हुआ, लेकिन इससे वह हार नहीं माने। दो बार तो सरिया धंसने से जेसीबी का टायर पंचर हो गया। इसके बाद भी वह निराश नहीं हुए। सुबह चार बजे जब बूंदाबांदी शुरू हुई तो कुछ देर के लिए जवानों ने बचाव कार्य रोका, लेकिन किसी की जान बचाने के जज्बे ने उन्हें बारिश में बचाव कार्य करने के लिए उत्साहित किए रहा। सभी जवान बारिश के बीच भी बचाव कार्य करते रहे। सुबह करीब साढ़े बजे जब यह मालूम हुआ कि मलबे में कोई नहीं दबा है, तो सभी ने राहत महसूस की। रात भर लगातार काम करने के बावजूद शरीर में आई थकान दूर हो गई। सभी बहुत खुश हुए। यही बोले कि शुक्र है कि किसी की जान नहीं गई। मेहनत सफल हो गई।
 

 

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राहत और बचाव कार्य लाइव

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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
समय : शाम 06:30 बजे
एनडीआरएफ के जवानों ने संभाला मोर्चा
लिंटर गिरने के हादसे के बाद शनिवार शाम 6:30 बजे एनडीआरएफ के जवानों ने रेलवे स्टेशन पर मोर्चा संभाला और आधुनिक उपकरणों के साथ मलबे की जांच की। डॉग स्क्वाॅड की मदद से मलबे में मजदूरों का पता लगाने की कोशिश की।

समय : शाम 07:00 बजे 
कासगंज से पहुंची दुर्घटना रिलीफ ट्रेन
रेलवे स्टेशन पर शाम सात बजे कासगंज से दुर्घटना रिलीफ ट्रेन पहुंची, जिसमें रेलवे के 30 जवान और डॉक्टरों की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का इलाज किया और दवाइयां वितरित कीं।

 

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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
समय : शाम 08:00 बजे 
डीआरएम ने रेलवे स्टेशन पर डाला डेरा

हादसे के बाद शाम आठ बजे सड़क मार्ग से इज्जत नगर मंडल की डीआरएम वीणा सिन्हा स्टेशन पर पहुंचीं। वह बचाव कार्य खत्म होने के बाद ही गईं। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों व इंजीनियरों के साथ बचाव कार्य का निरीक्षण किया। सदर एसडीएम स्मृति मिश्रा से हादसे की जानकारी ली।

समय : रात 09:00 बजे 
नगर पालिका ने की प्रकाश व्यवस्था

राहत एवं बचाव कार्य के दौरान लाइट कम होने पर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने नगर पालिका के ईओ को लाइट व्यवस्था सही करने के निर्देश दिए। इस पर नगर पालिका की टीम ने कई जनरेटर और हाइलोजन लाइट लगाईं।

समय : रात 10:00 बजे 
मंडलायुक्त ने की डीआरएम से वार्ता

रात में घटनास्थल पर कानपुर के मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडयन और डीआईजी जोगिंदर कुमार पहुंचे और उन्होंने डीआरएम वीणा सिन्हा से रेलवे की कार्रवाई के बारे में जानकारी की। मंडलायुक्त ने आरपीएफ के अधिकारियों से वार्ता कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

 

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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
समय : रात 11:00 बजे 
जेसीबी पंक्चर होने से बंद हो गया काम

स्टेशन पर लेंटर का मलबा हटा रही जेसीबी के पहिया में अचानक सरिया घुस गया, जिससे काम बंद हो गया। ऐसी स्थिति में एनडीआरएफ ने दूसरी जेसीबी मंगाकर काम शुरू कराया। कुछ देर बाद दूसरी जेसीबी भी पंक्चर हो गई। ऐसे में श्रमिकों को लगाकर सरिया को कटवाया गया।

समय : रात 12:00 बजे 
एनडीआरएफ कर्मियों को पिलाई गर्म चाय

रेलवे के अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ के कर्मियों को चाय पिलाने के निर्देश दिए। आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने टीम को चाय पिलाई और साथ में नाश्ता भी दिया। अधिकारियों के लिए भी होटल से खाना मंगाया गया।

समय : रात 01:00 बजे
प्लेटफार्म नंबर एक की कराई बेरिकेडिंग

रेलवे के अधिकारियों ने प्लेटफार्म नंबर एक पर बेरिकेडिंग करवा दी और वहां यात्रियों को जाने से रोक दिया। सुरक्षा के लिए जगह जगह जीआरपी व आरपीएफ के जवानों को तैनात कर दिया गया। इज्जतनगर मंडल से आरपीएफ के 80 जवानों को बुलाया गया था।

समय : रात 02:00 बजे 
राहत और बचाव कर्मियों को दोबारा मिली चाय

राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रेलवे तथा एनडीआरएफ के जवानों को दोबारा चाय पिलाई गई। इसके बाद लीड कर रहे अधिकारियों ने टीम को बुलाकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। पूरे परिसर की मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की गई।

 

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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
समय : रात 03:00 बजे 
गोरखपुर से पहुंची इंजीनियरों की टीम

घटनास्थल पर रात तीन बजे गोरखपुर से अधिशासी अभियंता राकेश चंद्रा के नेतृत्व में गोरखपुर से इंजीनियरों की टीम पहुंची और उन्होंने पूरे स्ट्रक्चर का निरीक्षण किया। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मियों से भी जानकारी ली।

समय : सुबह 04:00 बजे 
बूंदाबांदी के चलते कार्य हुआ बंद

सुबह अचानक बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिसके चलते कुछ देर के लिए काम बंद कर दिया गया। हालांकि बूंदाबांदी ज्यादा तेज नहीं थी, ऐसे में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मियों ने विंडशीटर पहनकर बचाव कार्य शुरू किया।
 

 

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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला

समय : सुबह 05:00 बजे
अंतिम चरण में आई मलबा हटाने में दिक्कत
एनडीआरएफ व रेलवे की टीम को अंतिम चरण में मलबा हटाने में दिक्कत महसूस हुई। तीसरे ब्लॉक के आगे कुछ हिस्से में शटरिंग टूटी थी, लेकिन लिंटर बीम पर टंगा हुआ था। ऐसे में इंजीनियरों ने सावधानी पूर्वक मलबा हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई।

समय : सुबह 06:25 बजे 
मलबा साफ, नहीं मिला कोई मजदूर
रेलवे स्टेशन परिसर से एनडीआरएफ और रेलवे ने मलबा पूरी तरह से हटा दिया गया। मलबे में कोई भी मजदूर नहीं मिला जिस पर रेलवे के अधिकारियों और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। डीआरएम वीणा सिन्हा ने रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने की घोषणा की।

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