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Kalindi Express : इंजन के बाद 71 बार स्लीपर से टकराया सिलिंडर, फिर भी नहीं फटा; टीम ने सीन रीक्रिएट किया

Thu, 12 Sep 2024 12:27 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

करीब दो घंटे तक जांच करते समय टीम ने घटना में इस्तेमाल हुए इंडेन के उसी एलपीजी सिलिंडर को ट्रैक पर रखकर पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएट किया।
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Kalindi Express - फोटो : amar ujala
कालिंदी एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश रचने वालों की तलाश के बीच बुधवार को लखनऊ से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम घटनास्थल पहुंची। करीब दो घंटे तक जांच करते समय टीम ने घटना में इस्तेमाल हुए इंडेन के उसी एलपीजी सिलिंडर को ट्रैक पर रखकर पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएट किया।

इस दौरान विशेषज्ञों ने पहले रेलवे ट्रैक के बीच बोल्डरों को हटाकर सिलिंडर रखा और फिर कालिंदी एक्सप्रेस की स्पीड के अनुसार टक्कर लगने के बाद घिसटते व टकराते हुए दूर जा गिरने वाले स्थानों की बारीकी जांच कर चिह्नित करते हुए नापजोख की। इस दौरान पता चला है कि इंजन से टकराने के बाद करीब पचास मीटर की दूरी के बीच सिलिंडर 71 बार ट्रैक के स्लीपरों से टकराया लेकिन फटा नहीं और फिर झाड़ियों में जा गिरा। टीम ने हर उस निशान को चिह्नित किया जहां सिलिंडर टकराया था।
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Kalindi Express - फोटो : amar ujala
इसके अलावा टीम ने साथ ही पेट्रोल व बारूद के मिलने वाले स्थान व साजिशकर्ताओं के रेलवे ट्रैक के किनारे के संभावित ठिकाने को लेकर भी आंकलन किया। घटना से जुड़े नक्शा नगरी तैयारी कर टीम वापस लौट गई। इस दौरान कई अन्य जांच एजेंसियों के विशेषज्ञ भी मौके पर सादी वर्दी में मौजूद रहे।
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Kalindi Express - फोटो : amar ujala
घिसटते हुए नहीं, टकराते हुए गया सिलिंडर
जांच के बाद अधिकारियों का कहना है कि सिलिंडर ट्रेन से टकराने के बाद घिसटते हुए नहीं बल्कि उछलकर टकराते हुए दूर जा गिरा। टक्कर के बाद सिलिंडर 50 मीटर दूर 77वें स्लीपर के पास दाएं ओर पड़ा मिला। इस दौरान सिलेंडर चौथे, सातवें, 12वें, 13वें, 14वें, 27वें, 39वें, 48वें और 50वें स्लीपर से टकराया। इन सभी स्लीपर में टकराने के निशान दिखाई पड़े। यह सभी निशान स्लीपर के बाएं तरफ थे लेकिन इसके बाद सिलिंडर 59वें, 60वें और 70वें स्लीपर के दाएं तरफ टकराने के बाद सात स्लीपर आगे दाहिनी ओर ट्रैक से बाहर जा गिरा। टीम का मानना है कि सिलेंडर ट्रेन के साथ घिसटता नहीं गया, नहीं तो 77 स्लीपर में से अधिकांश में टकराने के निशान होते।

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Kanpur Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
एफआईआर में गलत जानकारी पर रेलवे ने भेजा स्पष्टीकरण
हादसे के बाद रेलवे के जूनियर इंजीनियर की ओर से शिवराजपुर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में घटनाक्रम की गलत जानकारी दर्ज कराई गई थी। रेलवे ने इस गलती को सुधारने के लिए पुलिस को स्पष्टीकरण भेजा है। एफआईआर में किमी 37/08 पर सिलिंडर ट्रेन से टकराने की बात कही गई है जबकि ट्रेन और सिलिंडर की टक्कर किमी 37/17 और किमी 37/18 के बीच हुई।

 
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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल से 200 मीटर की दूरी तक तलाशे गए सबूत
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल व उसके दो सौ मीटर के दायरे में मैग्नीफाइंग लेंस से रोंगटे (ह्यूमन गूजबंप्स) की तलाश की। इसके अलावा टीम पैरों, जूते व हाथों के निशान की भी तलाश कर रही है जिससे कि साजिशकर्ता तक पहुंचा जा सके।
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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए भेजे 10 सैंपल
कालिंदी एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की छह टीमें, कानपुर और लखनऊ की फोरेंसिक की टीम, एलआईयू, आईबी, एनआईए, जीआरपी और आरपीएफ लगी है। इन टीमों में कुल 300 लोग शामिल हैं। वहीं 54 पुलिस अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। हालांकि अभी तक ठोस सुबूत नहीं मिला है। फॉरेंसिक टीम ने जरूर 10 सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
ये सैंपल भेजे गए जांच के लिए
- पत्थर के टुकड़े पर लगी मिट्टी और ट्रैक की खुरचन।
- इंजन के काउकैचर से मिला पेंट।
- क्राइम सीन के आसपास की मिट्टी।
- रेलवे ट्रैक पर पड़ा गंध वाला पदार्थ।
- सिलिंडर का पेंट और ट्रैक पर मिला पेंट।
- बोतल व झोले में मिले उंगलियों के निशान।
- रेलवे लाइन के स्लीपर पर मिले पेंट के निशान।
- करीब के धार्मिक स्थल पर मिली शराब की बोतलेें।
- झाड़ियों में उलझी हुई पत्तियां और पैरों से कुचले छोटे पौधे।
- पटरियों के किनारे मिली बोतल, जो पेट्रोल बम बताई जा रही।
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