बांदा में जेई के पद पर रहकर ऐशोआराम का जीवन बिताने वाले बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी रामभवन जेल में बेचैन है। उसने जेल पहुंचने के बाद दो दिन खाना नहीं खाया। रात भी बेचैनी से बिताई। बैरक में गुमसुम बैठकर समय बिता रहा है। आरोपी जेई को सीबीआई ने दो दिन पहले अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
2 of 5
आरोपी जेई रामभवन को ले जाती पुलिस
- फोटो : amar ujala
जेल प्रशासन ने उसे फिलहाल बैरक नंबर-16 में रखा है। यह बैरक क्वारंटीन बैरक के रूप में आरक्षित है। नए बंदियों को 14 दिन तक यहीं रखा जाता है। इसके बाद उन्हें दूसरी बैरक में भेजा जाता है। आरोपी अभियंता के साथ इस बैरक में दो और बंदी भी रखे गए हैं। ये दूसरे मामलों में आरोपी हैं।
विज्ञापन
3 of 5
यौन उत्पीड़न के आरोपी जेई को पकड़ने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक रामभवन ने जेल पहुंचने के बाद दो दिन खाना नहीं खाया। न ही किसी से बातचीत की। गुरुवार देर शाम दो रोटी और दाल खाई। ज्यादातर समय वह बैरक के एक कोने में बैठकर खामोशी से बिता रहा है। सिरदर्द की शिकायत बताने पर जेल से उसे दवा दी गई। गुरुवार की रात करवटें बदलकर बिताई।
4 of 5
जेई रामभवन
- फोटो : अमर उजाला
प्रभारी कारागार अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि कोविड गाइड लाइन के अनुसार नए बंदियों को पहले अलग बैरक में क्वारंटीन रखा जाता है। इसके आरोपी रामभवन को भी क्वारंटीन बैरक में 14 दिन के लिए रखा गया है। यह बताया कि उसकी पत्नी ने मुलाकात के लिए अर्जी दी थी, लेकिन कोरोना काल में मुलाकात पर रोक है।
दोनों पक्ष के अधिवक्ता पैरवी की तैयारी में जुटे
बच्चों के साथ कुकर्म के आरोपी जूनियर इंजीनियर रामभवन को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए मंगलवार (24 नवंबर) को निर्धारित सुनवाई के लिए दोनों ही पक्ष के अधिवक्ता तैयारी में जुटे हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज दीक्षित ने बताया कि वह पूरे केस का कानूनी तौर पर गहन अध्ययन कर रहे हैं। अदालत में अभियोजन की प्रभावी पैरवी करेंगे। उधर, आरोपी जेई के अधिवक्ता देवदत्त तिवारी और अनुराग सिंह चंदेल भी सीबीआई के आरोपों को अदालत के समक्ष गलत साबित करने की तैयारी में जुटे हैं।