सीरिया के घोउटा शहर में आईएसआईएस के खात्मे के लिए वहां की सरकार बमबारी कर रही है, इसमें कुछ बेगुनाह भी मारे जा रहे हैं। उनको वहां से निकालने की कोशिश की जा रही है। आईएसआईएस का खात्मा जरूरी है। कार्यक्रम में शिया आलिम और बुद्धिजीवियों ने सीरिया में हो रहे हमलों पर यह बात कही। इमाम हुसैन की बहन जनाबे जैनब की याद में कानपुर जूही सफेद कॉलोनी में जैनब डे मनाया गया। अंजुमन मुबल्लिगुल ईमान की ओर से हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दिल्ली से आए मौलाना कल्बे रुशैद ने जनाबे जैनब की जिंदगी से सीख लेने की हिदायत दी। कहा कि जनाबे जैनब ने जुल्म-ओ-सितम सहा लेकिन शासक यजीद के आगे सिर नहीं झुकाया।
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जैनब डे पर शिया आलिम और बुद्धिजीवियों ने की तकरीर
लखनऊ विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग के विभागाध्यक्ष और उर्दू अकादमी के सदस्य प्रोफेसर नैयर जलालपुरी ने कहा कि जनाबे जैनब की वजह से आज इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया जाता है। इस दौरान मौलाना जहीर, मौलाना नकी, मौलाना अली अब्बास छपरवी, मौलाना आरिफ, जहीर हुसैन आब्दी, जैगम कानपुरी, इंतिखाब आलम काजमी, अख्तर काजमी, पप्पू जैदी आदि मौजूद रहे।
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सीरिया में मजलूमों पर जुल्म के खिलाफ प्रदर्शन
सीरिया में मजलूमों पर जुल्म के खिलाफ प्रदर्शन
सीरिया में रिहायशी इलाकों में हो रही बमबारी और आतंकवाद के खिलाफ रविवार को तलाक महल में मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने प्रदर्शन कर गम व गुस्से का इजहार किया। मोहम्मदी मस्जिद के पास हुए इस प्रदर्शन में नमाजी भी शामिल हुए। तख्तियां लेकर आतंकवाद मुर्दाबाद, बगदादी मुर्दाबाद, असद सरकार शर्म करो केनारे लगाए। मासूम बच्चों और बेगुनाहों को बर्बरतापूर्वक कत्ल करने के विरोध में अमेरिका और रूस के खिलाफ भी नारे लगाए।
ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड ने कहा कि बगदादी ने भारत के युवाओं को आतंक की चपेट में लेने की कोशिश की लेकिन देश का युवा किसी के बहकावे में नहीं आया। बल्कि उसके खिलाफ आवाज बुलंद की। इस प्रदर्शन में मोहम्मद रफीक, हाफिज मोहम्मद कफील हुसैन, शाह आलम, इस्लाम खान चिश्ती, मोहम्मद वसीक, अयाज अहमद चिश्ती, महबूब आलम खां, शाहरुख खान, मौलाना तहसीन रजा, इस्लाम खान आजाद, मारूफ खान आदि शामिल हुए।