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तुगलकी फरमान: सीएसए में छात्राओं को कोचिंग जाने कमरे में खाना बनाने सहित परिजनों से मिलने पर भी रोक

Wed, 11 Sep 2019 10:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सीएसए विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं पर कैंपस से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां तक की छात्राएं अब किसी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग भी नहीं कर पाएंगी। कमरे में खाना भी नहीं बना पाएंगी और बाहर से भी खाने का कुछ ऑर्डर नहीं दे पाएंगी।

 
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सीएसए बवाल फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके मुताबिक छात्राएं अब शनिवार और रविवार को छोड़कर अन्य दिनों में कभी भी कैंपस छोड़कर बाहर नहीं जा सकतीं। शनिवार और रविवार को भी छात्राओं को सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक ही बाहर जाने की अनुमति होगी।

 
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सीएसए कानपुर
वहीं छात्राओं ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए मानने से इंकार कर दिया है। हॉस्टल में नोटिस चस्पा होते ही हड़कंप मच गया। छात्राएं हॉस्टल से निकल प्रदर्शन करने लगीं। पहले गृह विज्ञान विभाग के बाहर प्रदर्शन किया और फिर जुलूस की शक्ल में मार्च करते हुए कुलपति कार्यालय तक पहुंच गईं।

 

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सीएसए में भिड़े जूनियर व सीनियर छात्र - फोटो : अमर उजाला
यहां हॉस्टल की वार्डेन और डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. हरेश प्रताप सिंह ने छात्राओं को समझाने की कोशिश की लेकिन कोई बात नहीं बनी। छात्राओं ने चेतावनी दी की जबतक विश्वविद्यालय प्रशासन अपने फैसले को वापस नहीं लेता तबतक आंदोलन जारी रहेगा।

लड़के-लड़कियों में भेदभाव करने का आरोप
छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लड़के और लड़कियों में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। कहा कि एक तरफ लड़कों को रात में निकलने की छूट दी जाती है वहीं दूसरी ओर छात्राओं को पढ़ने के लिए कोचिंग करने पर भी रोक लगा दी गई है।
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सीएसए कानपुर
पांच बजे के बाद कोई नहीं मिल सकता
डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. हरेश प्रताप सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक गर्ल्स हॉस्टल में अब शाम पांच बजे के बाद छात्राएं किसी भी बाहरी से नहीं मिल सकतीं। मतलब न तो वह अपने पैरेंट्स से मिल सकती हैं और न ही दोस्तों से। अगर किसी को मिलना होगा तो इसके लिए विशेष अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा सुबह अगर किसी छात्रा की कक्षा होगी तो उसे इसके लिए अपने शिक्षक से अनुमति पत्र लाना होगा तभी वह हॉस्टल से बाहर निकल सकेगी। इंटर्नशिप, रावे, इंडस्ट्रीयल टूर के लिए भी तभी अनुमति दी जाएगी जब छात्रा का विभागाध्यक्ष मंजूरी देगा।

छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाए गए हैं। वार्डेन और छात्राओं ने आपस में बैठकर सभी बिंदुओं पर चर्चा कर ली है। कोई विवाद नहीं है।
प्रो. हरेश प्रताप सिंह डीएसडब्ल्यू सीएसए

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