Navaratri 2018: जानिए, इस बार नवरात्र में "हनुमत तांडव स्त्रोत" से कैसे बन सकते हैं आपके बिगड़े काम?
Mon, 12 Mar 2018 10:27 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
डेमाे पिक
इस बार चैत्र के नवरात्र 18 मार्च से शुरू हो रहे हैं। 25 मार्च तक चलने वाले नवरात्र आठ दिन के होंगे। सप्तमी और अष्टमी एक ही दिन है।
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इस योग से काली पूजा करने वाले भक्तों को विशेष लाभ मिलेगा। शुभ कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6:31 से 7:46 बजे तक रहेगा।
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दूसरा मुहूर्त 9:18 से 10:47 बजे तक होगा। अभिजीत काल में कलश स्थापना का मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा।
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पंडित केए दुबे पद्मेश और आचार्य आदित्य पांडेय ने बताया कि आठ दिनों के नवरात्र होने के कारण अष्टसिद्धि की स्थापना करने के लिए यह सबसे शुभ मुहूर्त है।
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ऐसी मान्यता है कि हनुमानजी अष्टसिद्धि के दाता हैं। इसलिए इस समय हनुमत तांडव स्त्रोत का पाठ सर्वाधिक लाभ देगा।
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इसे वासंती नवरात्र भी कहते हैं। चैत्र नवरात्र का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को होता है।
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इसी के साथ नव संवत्सर तो शुरू होता ही है साथ ही इस समय अपनी कुल देवी या कुल देवता का पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे आपदाओं से सुरक्षा मिलती है। नवरात्रि की रातों में कुल देवताओं के पूजन से कोटि लाभ यानी करोड़ों गुना लाभ मिलता है।