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सोते समय सांस लेने की दिक्कत दूर करेगा ‘टूलो’ ताे सड़क हादसों से बचाएगा वीडियो, जानें क्या है खास

Wed, 21 Mar 2018 07:33 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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आईआईटी कानपुर
आईआईटी कानपुर के तीन पूर्व छात्रों के शानदार इनोवेशन को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को गांधीयन यंग टेक्नोलॉजीकल इनोवेशन अवार्ड (गायती) 2018 से पुरस्कृत किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में तीनों के इनोवेशन की खूब सराहना भी हुई।

 
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आईआईटी कानपुर
पुरस्कार पाने वालों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से पिछले साल पीएचडी करने वाली डॉ. सीनू सुसान थॉमस, 2017 में मास्टर इन डिजाइन (एमडेस) करने वाले सी विमल और एमडेस की ही पूर्व छात्रा रितिका सिंह के नाम शामिल हैं। सीनू सुसान को प्रो. सुमाना गुप्ता और प्रो. केएस वैंकटेशन ने प्रशिक्षण दिया है जबकि रितिका के डॉ. कौमुदी पाटिल और सी विमल को प्रो. जेराम कुमार गाइड रहे।

 
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आईआईटी कानपुर
समारोह केंद्र सरकार की डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) व सोसायटी फॉर रिसर्च एंड इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीस एंड इंस्टीट्यूशंस की तरफ से आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व डीएसटी के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा भी मौजूद रहे।

 

सड़क हादसों से बचाएगा वीडियो

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आईआईटीयंस के इनोवेशन को राष्ट्रपति ने किया पुरस्कृत
सीनू सुसान ने एक वीडियो तैयार किया है जिसके जरिए सड़क हादसों का पहले से ही पता लगाया जा सकेगा। शोध में सीनू ने कई सड़क हादसों की वीडियो फुटेज पर अध्ययन करने के बाद गाड़ियों की स्पीड और उनकी स्थिति की रिपोर्ट तैयार की। इसमें उन्होंने बताया है कि किस स्पीड में और किस स्थिति में सड़क हादसे होने के ज्यादा चांस होते हैं। इसके अलावा गाड़ी के लिए एक सेंसर भी तैयार किया है जो गाड़ी की स्पीड अधिक होने या अस्थिरता के स्थिति में चालक को आगाह कर देगा।

 
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कुर्सी, मेज और खिलौने बताएंगे बच्चों को इतिहास और संस्कृति

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एमडेस की ही पूर्व छात्रा रितिका सिंह
रितिका सिंह ने ‘कथा’ नाम से लकड़ी की कुर्सी, मेज, खिलौने आदि कई चीजों को डिजाइन किया है। यह डिजाइन ऐसी हैं जिनसे घर में रहने वाले छोटे बच्चों को देश के इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली पलों को दर्शाता है। इससे पुरानी कथाएं भी बच्चों को आसानी से समझाई जा सकती है।

 
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स्लीप एपेनिया से राहत दिलाएगा ‘टूलो’

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आईआईटी के एमडेस के छात्र रहे सी विमल
बड़ी संख्या में लोगों को सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे लोग खर्राटे भरते हैं। इन्हें मेडिकल टर्म में स्लीप एपेनिया की बीमारी कही जाती है। आईआईटी के एमडेस के छात्र रहे सी विमल ने ऐसी ही एक डिवाइस तैयार की है तो इस बीमारी से राहत दिलाएगी और आप अच्छी नींद सो पाएंगे। इस डिवाइस को टूलो नाम दिया गया है। सोते समय इसे पीठ पर लगाने से इंसान काफी रिलैक्स महसूस करता है और सांस भी आराम से ले पाता है।
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