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कानपुर एनकाउंटर: विकास को कैसे मिली पुलिस के आने की खबर, जेसीबी से रास्ता रोक आठ पुलिस वालों को दी मौत

Fri, 03 Jul 2020 04:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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एडीजी एलओ और विकास दुबे एवं हमले में शहीद पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कानपुर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गए आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। पांच अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। आठ पुलिसकर्मियों की शहादत ने उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। बता दें कुछ दिन पूर्व हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ जान से मारने की कोशिश की एक एफआईआर दर्ज हुई।

 
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मौके पर बरामद हुई पिस्टल और राइफल - फोटो : amar ujala
इसी मामले में पुलिस विकास को पकड़ने के लिए उसके गांव बिकरू जाकर दबिश दी लेकिन घात लगाकर बैठे बदमाशों ने पुलिस पर हमला कर दिया। कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में एक शख्स ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर जानलेवा हमला करने की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी मामले में गुरुवार देर रात सीओ देवेंद्र मिश्रा, महेश यादव, एसओ शिवराजपुर पुलिसकर्मियों के साथ विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंचे।

 
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घटना के बाद छावनी बना गांव - फोटो : amar ujala
विकास को पुलिस के आने की पहले से ही भनक लग गई थी। पुलिस के आने से पहले ही गांव का मुख्य रास्ता जेसीबी लगाकर बाधित कर दिया गया। जैसे ही पुलिस जेसेबी के पास पहुंची बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियां चलने से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई।

 

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रिजेंसी में भर्ती घायल पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
बदमाशों ने सबसे पहले सीओ देवेंद्र सिंह को घसीट कर उनके सिर में एक के बाद एक कई राउंड फायरिंग कर छलनी कर दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद जब पुलिस संभली तो देखा कि सीओ बिल्हौर देवेंद्र कुमार मिश्र, एसओ शिवराजपुर महेश यादव सहित 8 पुलिसकर्मी मौके पर ही शहीद हो गए हैं। वहीं 7 अन्य पुलिसकर्मियों को गोली लगी है।

 
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मौके पर एडीजी एलओ - फोटो : amar ujala
पुलिस टीम पर एके-47 से फायरिंग
मौके से एके47 के खोखे बरामद होने की बात सामने आ रही है। पुलिस अधिकारी भी बदमाशों द्वारा सेमी ऑटोमेटिक वेपन के इस्तेमाल की संभावना जता रहे हैं। प्रदेश के डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी ने कहा है कि फॉरेंसिंक जांच के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है। ऐसा लग रहा है कि फायरिंग में सोफेस्टिकेटड वेपन का इस्तेमाल किया गया।

 
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शहीद पुलिस कर्मी के पार्थिव शरीर को ले जाते साथी पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
आसपास के मकानों से भी हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
मामले में डीजीपी एचसी अवस्थी ने बताया कि पुलिस टीम पर विकास दुबे के मकान के आसपास के मकानों से भी फायरिंग की गई। हालांकि ये अभी तक साफ नहीं हो सका है कि फायरिंग करने वाले कितने लोग थे। जांच की जा रही है उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

 
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जेसीबी से बाधित किया गया रास्ता - फोटो : amar ujala
विकास को पहले से कैसे पता चला दबिश देने आ रही है पुलिस
पूरे घटनाक्रम में पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे पहले से ही विकास दुबे को पुलिस की दबिश की सूचना मिल गई। पूरा घटनाक्रम इस ओर इशारा कर रहा है कि जैसे विकास दुबे को पुलिस की दबिश की पूरी जानकारी थी। उसने किसी भी हद तक जाने की तैयारी कर रखी थी। देर रात जब पुलिस की टीमें उसके घर पहुंच गईं और उसके बचने का कोई रास्ता न निकला तो उसने हत्याकांड को अंजाम दिया।

 
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विकास के घर से जांच के बाद निकलते एडीजी एलओ - फोटो : amar ujala
एनकाउंटर में विकास दुबे के दो रिश्तेदार मारे गए
इस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में विकास दुबे के दो रिश्तेदारों को मुठभेड़ में मार गिराया। ग्रामीणों ने प्रेम प्रकाश और अतुल दुबे के रूप में पहचाना है। यह दोनों ही विकास दुबे के रिश्तेदार हैं। पुलिस ने इनके पास से देर रात मुठभेड़ में लूटी गई पिस्टल भी बरामद की है। फिलहाल बाकी बचे हुए अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार धरपकड़ जारी है। आसपास के जनपदों की सीमाएं सील कर दी गई हैं और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
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