उत्तर प्रदेश के जनपद उरई (जालौन) में नदीगांव थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर वारंटी को पकड़ने गई पुलिस पर उसके समर्थकों ने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। दोनों तरफ से फायरिंग होने से गांव में दहशत फैल गई। समर्थकों ने पुलिस पर खूंखार कुत्ते छोड़कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा ले गए। सूचना पाकर तीन थानों की फोर्स पहुंची और खेतों व जंगल में दबिश देकर एक हमलावर को दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर अनार सिंह समाजवादी पार्टी से जुड़ा रहा है।
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हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस पर फायरिंग
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने घटनास्थल से एक बाइक और क्षतिग्रस्त स्कार्पियो भी बरामद की है। आरोपी वारंटी बीडीसी भी है। एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि आरोपी पर 2015 का वारंट है। जिस पर पुलिस वारंटी को पकड़ने गई थी। हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। शुक्रवार दोपहर एक बजे नदीगांव थाना प्रभारी अशोक सोनकर, एसआई मनोज गुप्ता अपने कुछ साथी पुलिस कर्मियों के साथ वारंटी नदीगांव निवासी अनारसिंह को पकड़ने बशीर रोड पहुंचे।
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हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस पर फायरिंग
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सटीक सूचना के आधार पर पुलिस को अनार सिंह रोड किनारे अपने खेत में मटर तुड़वाता मिल गया। इस पर पुलिस ने तत्काल ही घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। अभी पुलिस अनारसिंह को जीप पर बैठा ही रही थी कि तभी अनार के आठ-दस समर्थक असलहों और कुत्तों के साथ वहां पहुंच गए और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी समर्थकों पर फायरिंग की। दोनों ओर से गोलियां चलने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान भाग निकले। इसी बीच समर्थकों ने अपने साथ लाए तीन कुत्ते भी पुलिस फोर्स पर छोड़ दिए।
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खूंखार कुत्ते पुलिस पर झपटे तो दरोगा और सिपाही जान बचाकर खेतों की ओर भागने लगे। तभी समर्थकों ने धक्का-मुक्की कर अनार को पुलिस के कब्जे से छु़ड़ा लिया और खेतों के रास्ते से भाग निकले। इसके बाद नदीगांव पुलिस की सूचना पर पूरे सर्किल का फोर्स एसपी व एएसपी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घेराबंदी कर एक हमलावर नदीगांव निवासी गीरेंद्र यादव को दबोच लिया।
हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस पर फायरिंग
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पुलिस ने घटनास्थल से हमलावरों की एक बाइक और स्कार्पियो भी बरामद की है। पुलिस की मानें तो अनार सिंह समाजवादी पार्टी से जुड़ा रहा है और कई बार क्षेत्र पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ चुका है। अनार का बेटा रणवीर 2012 में सपा से नदीगांव नगर पंचायत का चेयरमैन भी रह चुका है। एएसपी ने बताया कि 2012 में 307 के मामले में 2015 में अनार के खिलाफ वारंट जारी हुआ था। इसी मामले में पुलिस उसे पकड़ने गई थी। फिलहाल पकड़े गए समर्थक से पूछताछ के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।