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यहां बूचड़खानों पर चला प्रशासन का डंडा 

Fri, 24 Mar 2017 12:16 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

अवैध रूप से मुर्गा, मछली और मांस की दुकानें हटवाईं 
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हमीरपुर के राठ इलाके में अवैध बूचड़खाने हटाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अवैध बूचड़खानों पर गुरुवार को पुलिस और प्रशासन का डंडा चला। नगर पालिका प्रशासन ने अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों के साथ बकरा तथा मुर्गा काटने वालों पर कार्रवाई की। जानवरों का मांस बेचने वाले में हड़कंप मच गया। धुपकली तालाब की दुकानें बुल्डोजर ने ढहा दी। 
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राठ के धुपकली तालाब के पास मीट, मुर्गा की अवैध दुकानें ढहाते कर्मचारी  - फोटो : अमर उजाला
नगर पालिका प्रशासन ने सुबह मांस, मछली बेचने वाले दुकानदारों को अवैध रूप से लगाई गई दुकानों को हटाने का अल्टीमेटम दे दिया था। दोपहर करीब दो बजे नगर पालिका के ईओ भारत सिंह, तहसीलदार परशुराम पटेल, सीओ विवेकानंद तिवारी, कोतवाली के एसएसआई काशीनाथ उपाध्याय, आमोद अग्रवाल, टीएस रामसेवक राम, विजय कुमार प्रभारी सफाई इंस्पेक्टर, हसन अहमद सहित नगर पालिका के कर्मचारी धुपकली तालाब पहुंचे।


 

अवैध दुकानों पर गरजता नगर पालिका का बुलडोजर
टीम ने धुपकली तालाब किनारे मल्हौंवा मार्ग पर लगी आधा दर्जन से अधिक मुर्गा और मछली काटने की अवैध दुकानों को ढहा दिया। इसके बाद टीम ने कोटबाजार में जल विहार मंदिर के पास स्थित मांस मंडी को देखा। मंडी की दुकान का ताला लगा होने पर दुकानों में नगर पालिका ने अपना ताला जड़ दिया। इसके बाद टीम बजरिया पहुंची यहां आधा दर्जन से अधिक गोस्त की दुकानों को अल्टीमेटम दिया।

टीम ने बजरिया स्थित मछली मंडी में अवैध रूप से मछली बेच रहे दुकानदारों की दुकानें हटवा दी। ईओ भारत सिंह ने भैंसा काटने वाले लोगों को बुलाकर कहा अवैध रूप से जानवर नहीं कटेंगे। इसके बाद टीम अंबेडकर चौराहा, उरई बस स्टैंड, बाराखंबा पहुंच अवैध रूप से जानवर काट उनका गोश्त बेचने वाली दुकानें बंद करा दी। ईओ ने बताया कि यदि किसी भी दुकानदार ने अवैध रूप से जानवर काटे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

 

43 दुकानों पर होते थे जानवर हलाल

रोबारियों से वार्ता करते ईओ भारत सिंह, - फोटो : अमर उजाला
पालिका के ईओ भारत सिंह ने बताया कि कस्बे में 43 स्थानों पर मीट की दुकानें हैं। मांस बेंचने वाले दुकानदार जानवरों को अपनी दुकानों पर बाहर से अवैध रूप से काटकर लाते थे। बताया कि कस्बे के बजरिया और कसौड़ा में 12 दुकानें भैंसा के गोश्त की हैं। जहां पर अवैध रूप से मीट बेंचा जा रहा था। इसी तरह से पांट मीट की दुकानें और 22 मुर्गा काटने की दुकानें हैं। चार स्थानों पर सुअर का गोश्त बेंचा जाता था। बताया कि सभी दुकानदार अवैध रूप से जानवरों को काटते उनका मांस बेंच रहे थे। 


 
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कारोबार बंद होने से आई रोजी रोटी की समस्या 

बजरिया में खड़ा प्रशासन - फोटो : अमर उजाला
बजरिया मोहल्ला निवासी जरीना, बिस्सा, मददू, साबिर, आसिद, जमीर ने बताया कि वह भैंसा का गोश्त बेंचकर अपने परिवार का गुजर बसर करते हैं। बताया कि सरकार ने उनका धंधा बंद कराकर उनकी रोजी रोटी छीन ली। बताया कि वह भैंसा का मीट खरीदकर उसे फुटकर बेंचते थे। जिससे होने वाली आमदनी से उनके परिवार का भरण पोषण होता था। इसी तरह से मुर्गा बेंचने वाले दुकानदार नारायन सिंह का कहना है कि दुकानें बंद होने से बेरोजगार हो गए। अब कैसे परिवार का पेट पालेंगे समस्या आ खड़ी।         
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