यूपी के कानपुर महानगर समेत आसपास के इलाकों में बीते दिनों हुई बारिश के बाद अब इलाके के गांवों में कच्चे मकानों का गिरना जारी है। जबकि, चार दिन पहले बाढ़ की स्थिति में आई पांडु नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटना शुरू हो गया है। तहसील प्रशासन ने बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन शुरू कराया है। राजस्व लेखपालों की टीमें गिरे हुए मकानों और जलमग्न हुई फसलों की सूची बना रही हैं। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में अबतक की सूची के मुताबिक अमौर गांव में 34, कुंदौली में 03, चिरली में 12 और तिवारीपुर गांव में 06 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। शनिवार को विकास खंड के गहोलिनपुरवा गांव में मकान की दीवार गिरने से रामनरायन (62) और उसकी पत्नी जगदेई (58) मलबे में दब गए। पड़ोसियों ने मलबा हटाया और दोनों को बाहर निकाला। रामनरायण की हालत नाजुक होने पर सीएचसी भीतरगांव में भर्ती कराया गया।
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पांडु नदी के प्रलय से बेहाल लोग
- फोटो : अमर उजाला
कुंदौली, चिरली, घारमपुर और चिरला गांवों में भरा पांडु नदी का पानी तो धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन, गलियों में कीचड़ और गंदगी बढ़ रही है। तिवारीपुर गांव निवासी बाबू यादव के मकान की कच्ची छत भरभरा कर ढह गई। संयोग से उस समय घर के सदस्य बाहर गए हुए थे। जबकि, गृहस्थी का सामान दब जाने से नुकसान हुआ है। गांव के झल्लू पासी का मकान भी ढह जाने से गृहस्थी का सामान दब गया। नर्वल के तहसीलदार प्रमोद कुमार झा ने बताया कि बारिश और बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने के लिए खुद गांवों का दौरा कर रहे हैं। जबकि, संबंधित गांवों के राजस्व लेखपालों से क्षति का आकलन करके रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। बताया कि पात्रता के आधार पर पीड़ितों को दैवी आपदा राहत कोष से सहायता और पात्रों को प्रधानमंत्री आवास दिलाया जाएंगे। बताया कि बारिश से हुए जलभराव के बाद बीमारियां फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया है।
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पांडु नदी के प्रलय से बेहाल लोग
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बिल्हौर तहसील क्षेत्र में बीते दिनों हुई बारिश के बाद जलप्लावन से करीब तीन सैकड़ा छोटे-बड़े गांवों के लोगों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी थी। बारिश के करीब पांच दिन बाद शनिवार को क्षेत्रीय ग्रामीणों को पानी उतरने और धूप निकलने पर राहत मिली। घरों में पानी घुस जाने गीला हुआ गृहस्थी का सामान और अनाज आदि को सूखाने में ग्रामीण जुटे हुए हैं। शनिवार को जलभराव वाले गांवों से पानी निकलना शुरू हो गया है। तहसील क्षेत्र के चैबेपुर, बिल्हौर, ककवन और शिवराजपुर विकास खंडों में भारी बारिश का असर धीरे धीरे कम होने लगा है। शिवराजपुर के महिपालपुर, राधन, हिंदूपुर, गुरैया, मुस्ता, बिलहन, बीरामउ, नदीहा, सखरेज, आंटी, बैरी, मुंहपोछा, भैसउ,घिमउ आदि गांवों में भरा बारिश का पानी कम होने से ग्रामीणों को भारी राहत मिली है। बिल्हौर क्षेत्र के खजुरी, रहमतपुर, टिकरिया, पाती निवादा, चकत्तापुरवा, रतीरामपुरवा, बैड़ी, गदनपुर चोरसा, डोडवा, जमौली, मदारा, जरैलापुरवा, पूरा आदि गांवों के ग्रामीणों को अटक नदी सहित अन्य बरसाती नालों से बारिश का पानी निकल जाने पर राहत मिली है।
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पांडु नदी के प्रलय से बेहाल लोग
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संजती बादशाहपुर ग्राम प्रधान सिखा सिंह ने बताया कि बारिश के तेज बहाव से संभियापुर जाने वाली सड़क टूट गई है। गांवों का आवागमन ठप है। पीड़ित ग्रामीण उनके घर पर आकर हो-हल्ला कर रहे हैं जबकि एसडीएम बिल्हौर को मामले की जानकारी दी जा चुकी है। चौबेपुर प्रतिनिधि के अनुसार बारिश का पानी कम होने से बिठूर मार्ग अब वाहनों और राहगीरों के लिए शुरू हो गया। जबकि नोन और पांडु नदी का पानी कम होने से उक्त नदियों किनारे के गांवों में पानी उतर गया है। ककवन प्रतिनिधि के अनुसार विषधन, हालामउ, मैंदो, मडैया, मलखरिया, मलखरा, उठ्ठा, पिटैयापुर, औरोंताहरपुर, नंदानिवादा, रिक्खापुरवा आदि गांवों में बारिश का पानी सामान्य स्थित में उतर गयाहै। इससे ग्रामीणों को खासा राहत मिली है।
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पांडु नदी के प्रलय से बेहाल लोग
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बिल्हौर क्षेत्र में बीते दिनों हुई भारी बारिश से हुए जलभराव मलेरिया सहित पेचिस, त्वचा, पाचन, हैजा, कालरा जैसे पानी जनित रोगों का धूप निकलते ही सीधा अटैक होगा। इसको लेकर जिला प्रशासन से क्षेत्र के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को अलर्ट जारी किया है। कानपुर में चार दिन बाद शनिवार को मौसम खुला। हल्की धूप निकलने के साथ ही राम गंगा नहर और पांडु नदी का जलस्तर एक फिट गिरने से बाढ़ प्रभावित लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। कुछ गलियों से पानी कम हुआ, लेकिन निचले इलाकों में अभी भी स्थिति खराब है। कुछ इलाकों में आने-जाने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, जलस्तर घटने के बाद कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग बंधे बनवाने में जुट गया है। रविदासपुरम स्थित नहर के किनारे दो जगह हुए कटान को बल्ली और रेत भरी बोरियां डालकर बंद किया गया।
पांडु नदी के प्रलय से बेहाल लोग
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चार दिन की लगातार बारिश से पांडु नदी और रामगंगा नहर के उफनाने से गुजैनी के मायापुरम और रविदासपुरम में सैकड़ों घर जलमग्न हो गए थे। इसके अलावा बर्रा के मर्दनपुर और मेहरबान सिंहपुरवा, बिधनू के बिनगवां, आशा नगर और द्विवेदी नगर में जलभराव होने से हजारों परिवार प्रभावित हो गए। मर्दनपुर और मेहरबान सिंह का पुरवा में सैकड़ों घरों में पानी भर गया है। यहां के लोग नाव के सहारे गांव से बाहर आ-जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के विपिन कटियार का कहना है कि नहर किनारे दो जगह कटान हुआ था, जिसे बंधा बनाकर बंद करा दिया गया है। अगर एक-दिन बारिश नहीं हुई तो बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी कम हो जाएगा। बारिश हुई तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है।