महिलाओं की आवाज बनने वाली गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल तीसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है। 2006 में संपत पाल ने महिलाओं की समस्याओं पर आंदोलन शुरू किया और गुलाबी गैंग बनाया था। इस महिला की बात हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इनकी कहानी खुद किसी फिल्म की पटकथा जैसी है।
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2007 और 2012 में भी लड़ चुकी है चुनाव
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गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल (फाइल फोटो)
संपत पाल तीसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। बेटे कामता ने बताया कि उनकी मां 2007 में नरैनी विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ीं थी। इससे पहले वे 2012 में मानिकपुर सीट से कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ीं।
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महिलाओं की वीरता की कहानियों में संपत पाल की भी एक कहानी
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संपत पाल अपने समुह की महिलाओं से चर्चा करती हुई
बुंदेलखंड यूं तो उबड़-खाबड़ टीलों और बीहड़ों का इलाक़ा है और यहां के लोगों को तमाम तरह की परेशानियां हैं बावजूद इसके यहां की महिलाओं की वीरता की कहानियां इतिहास के पन्नों में दर्ज है। आज इस पिछड़े इलाके को अलग पहचान मिलने की बड़ी वजह संपत पाल का यही गुलाबी गैंग है।
मूलरूप से रौली कल्याणपुर की संपत का घर अब बदौसा थाना क्षेत्र मेें है। 1960 में बांदा के बैसकी गांव के एक ग़रीब परिवार में जन्मी संपत पाल की 12 साल की उम्र में एक सब्ज़ी बेचनेवाले से शादी हो गई थी। शादी के चार साल बाद गौना होने के बाद संपत अपने ससुराल चित्रकूट ज़िले के रौलीपुर-कल्याणपुर आ गई थी।
फिल्म स्टार सलमान खान के साथ बिग बास में काम कर चुकी है संपत पाल
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बिग बास में फिल्म स्टार सलमान खान के साथ संपत पाल
यहां वह अब आदिवासी महिला उत्थान ग्रामोद्योग सेवा संस्थान नामक संस्था भी चलातीं हैं। किसी भी महिला की समस्या को लेकर वह अपने गुट की टोली साथ चर्चा करती है। फिर जरूरत पड़ने पर ऐसी कार्रवाई करती हैं कि समस्या का जड़ से सफाया हो जाता है। उनके इसी अंदाज ने उन्हें फिल्म स्टार सलमान खान के साथ काम करने का भी मौका दिलाया। संपत पाल को सिरियल बिग बास में जगह दी गई।