बाहुबली विधायक मधु श्रीवास्तव उर्फ बाबूभाई ने एक बार फिर गुजरात चुनाव में जीत का परचम लहरा दिया है। मधु लगातार 6वीं बार वाघोडिया सीट से विधायक बनने जा रहे हैं।
जानें मधुभाई का यूपी से क्या है नाता....
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विधायक मधु श्रीवास्तव बाबू भाई
गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव में यूपी के हमीरपुर राठ धमना निवासी मधुभाई श्रीवास्तव वाघोडिया विधानसभा सीट से छठवीं बार भाजपा से विधायक चुने गए हैं। मधुभाई श्रीवास्तव की जीत पर उनके जिले में जश्न मनाया गया। मूलरूप से धमना गांव के निवासी मधु भाई श्रीवास्तव के पिता बाबूलाल श्रीवास्तव करीब 60 साल पहले गुजरात चले गए थे।
बाबूलाल के चार पुत्र रमेश, दिलीप, मधुभाई और नरेश है। मधुभाई पहला चुनाव 1994 में निर्दलीय जीत चुके हैं। मधु की जीत पर धमना के लोगों ने खुशियां व्यक्त की। मधुभाई के चाचा शिवनारायन के घर पर भी जश्न का माहौल रहा। शिवनारायन ने बताया कि एक बार निर्दलीय और पांचवीं बार भाजपा से चुनाव उनका भतीजा जीता है।
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विधायक मधु श्रीवास्तव बाबू भाई
गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में वाघोडिया में बीजेपी के मधुभाई श्रीवास्तव ने 25082 वोट हासिल कर जीत दर्ज की है। दूसरे नंबर पर निदर्लीय उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह वाघेला रहे जिन्हें 20142 वोट हासिल हुए। यहां बीएसपी, आईएनडी के उम्मीदवार भी यहां मैदान में थे, लेकिन कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। इस सीट पर दूसरे फेज में 14 दिसंबर को यहां वोटिंग हुई थी। पिछले चार बार से यहां बीजेपी को सफलता मिलती रही है। 1998 से कांग्रेस लगातार यहां दूसरे नंबर पर आकर हारती रही है। 2012 के चुनाव में बीजेपी के मधु श्रीवास्तव ने 65 हजार वोट लाकर कांग्रेस के पटेल जयेश खेमाभाई को हरा दिया था। खेमाभाई को 60 हजार वोट आए थे।
1995 से अब तक मधुभाई को इससे पहले 5 बार इस सीट पर सफलता मिली है, इसलिए इस इलाके को बीजेपी का गढ़ भी कहा जाता है। आपको बता दें कि वाघोडिया गुजरात के वडोदरा जिले में आता है।बताया जा रहा है कि मध्य गुजरात की इस सीट को हथियाने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने धुंआधार प्रचार किया था। इसके बावजूद बीजेपी के किले को कांग्रेस नहीं दरका सकी। बाहुबली मधु श्रीवास्तव गुजरात के विवादित नेताओं में से एक रहे हैं। कहा जाता है कि उन्होंने 2002 के बेस्ट बेकरी केस के गवाह जहिरा शेख को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्हें 2009 में सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव मचाने के लिए गिरफ्तार भी किया गया था।