उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा बृहस्पतिवार को संदिग्ध हालात में लापता हो गई। उसकी स्कूटी गंगा बैराज पर खड़ी मिली। स्कूटी में चाभी लगी थी। डिग्गी में उसका पर्स और मोबाइल भी मिला। शुक्रवार को शाम 4 बजे 24 घंटे बाद भी उसका कोई पता नहीं चला है। इसी दौरान सैकड़ों की संख्या में मेडिकल छात्रों ने गंगा बैराज पहुंच कर हंगामा करना शुरु कर दिया।
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मेडिकल छात्रों ने लगाया लापरवाई का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
गोताखोरों को गंगा से छात्रा की एक चप्पल मिली है। पुलिस को आशंका है कि छात्रा या तो गंगा में कूद गई या कहीं चली गई। दोनों बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। गोताखोरों ने गुरुवार देर रात और शुक्रवार को कई घंटे तक गंगा में छात्रा की तलाश की। सर्विलांस टीम को भी जानकारी जुटाने में लगाया गया है।
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गंगा बैराज पर जमा सैकड़ों की संख्या में मेडिकल छात्र और पुलिस
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मूलरूप से जालौन के जगनपुर निवासी रामसनेही इटावा में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग में इंजीनियर हैं। झांसी के केके पुरी कालोनी में भी उनका घर है। उनकी 24 वर्षीय बेटी अमृता सिंह एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में वह लखीमपुर निवासी रूम पार्टनर अनुषी के साथ रहती है। स्वरूपनगर इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि अमृता दोपहर करीब 12 बजे हॉस्टल से निकली थी।
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एमबीबीएस की लापता छात्रा अमृता
- फोटो : अमर उजाला
कुछ देर बाद अनुषी ने उसे फोन करना शुरू किया तो उठा नहीं। इसके बाद अनुषी ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। इस बीच करीब पौने चार बजे गंगा बैराज (गेट नंबर 17) पर अमृता की स्कूटी मिली। इसी बीच अनुषी भी बैराज पहुंच गई। उसने स्कूटी पहचान ली। इसके बाद पुलिस ने अमृता के परिजनों को सूचना दी। रात करीब साढ़े आठ बजे परिजन कानपुर पहुंच गए।
रोते बिलखते छात्रा के परिजन और छात्रा की सहेलियां
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पुलिस के मुताबिक अमृता को गंगा में कूदते किसी ने नहीं देखा। फिर भी गोताखोर से करीब ढाई घंटे तक गंगा में जाल डलवाकर उसे तलाश कराया गया। अभी तक उसका कुछ भी पता नहीं लग सका है। पुलिस शुक्रवार को फिर से गोताखोर की मदद से गंगा में खोजबीन करवाएगी। पुलिस ने अमृता की सीडीआर भी मांगी है। ताकि पता चल सके कि उसकी किस-किस से बात हुई।