शादी की रस्मों के बीच दूल्हे बोला...लघुशंका के लिए जाना है। काफी देर तक लोगों ने उसका इंतजार किया। दुल्हन की आंखें भी उसका इंतजार करते-करते थक गईं लेकिन वह लौटकर ही न आया। सच तो ये था कि उसने लघुशंका जाने का केवल बहाना बनाया था। इसके पीछे की वजह जब सामने आई तो लोगों के होश उड़ गए। इस घटना से पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आखिर घटना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जो जुड़ी थी। मामला यूपी के हरदोई जिले का है।
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- फोटो : अमर उजाला
हरपालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मिरगांवा निवासी सीताराम ने अपनी पुत्री सेंधुरी की शादी एटा जनपद के ग्राम नेहुता निवासी दीपक पुत्र राधेश्याम के साथ तय की थी।
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शादी के लिए सामूहिक विवाह में सेंधुरी और दीपक का पंजीकरण हुआ था। शनिवार को सीताराम अपनी पुत्री सेंधुरी, प्रधान छंगेलाल और अन्य परिजनों के साथ सीएसएन कॉलेज के मैदान में पहुंच गए। यहां दीपक भी अपने बाबा के साथ बाइक से आया।
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सीताराम का आरोप है कि शादी के पहले दीपक ने दहेज में बाइक और एक लाख रुपया देने की मांग कर दी। सीताराम ने मना कर दिया। जिसके कुछ देर बाद दीपक लघुशंका जाने की बात कहते हुए वहां से निकल गया।
दीपक को रोकने की कोशिश की गई लेकिन वह नहीं रुका। बाद में प्रधान और सीताराम के परिजन दीपक के बाबा को अपने साथ गांव ले गए। देर शाम तक मामले में समझौता नहीं हो सका।