महोबा जिले में कुलपहाड़ क्षेत्र के बुधौरा गांव में खेलते समय खेत में खुले पड़े 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरे चार वर्षीय घनेंद्र को 20 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ टीम ने बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थीं।
गुरुवार की सुबह करीब पौने नौ बजे बच्चे को बोरवेल से निकालने के बाद एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। बुधौरा गांव निवासी किसान भागीरथ कुशवाहा का घर से तकरीबन दो किलोमीटर दूर खेत है।
विज्ञापन
2 of 5
20 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
- फोटो : अमर उजाला
भागीरथ ने फसल की सिंचाई को अपने खेत में बोरिंग कराई थी। बोरिंग सफल नहीं हुई थी। इसके बाद भागीरथ ने बोरवेल का गड्ढा बंद नहीं कराया था। उसे पत्थर से ढक दिया था। बुधवार को भागीरथ इकलौते बेटे घनेंद्र और बड़ी बेटी रेखा (6) को लेकर खेत में गेहूं की फसल की सिंचाई करने गया था।
विज्ञापन
3 of 5
20 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब एक बजे भागीरथ फसल की सिंचाई में व्यस्त था। उसी दौरान बहन रेखा के साथ खेलते वक्त घनेंद्र अपने खेत में खुले पड़े 30 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। सूचना पर डीएम सत्येंद्र कुमार, एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
इसके बाद ग्रामीणों, फायर कर्मियों, पुलिस व अन्य लोगों की मदद से घनेंद्र को बचाने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया। रात करीब 11.5 बजे लखनऊ से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम पहुंची और रेस्क्यू का काम अपने हाथों में ले लिया।
4 of 5
20 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
- फोटो : अमर उजाला
रातभर बचाव दल और पुलिसकर्मी रेस्क्यू आपरेशन करते रहे। गुरुवार की सुबह करीब 8.44 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मी घनेंद्र को बोरवेल से निकाल सके। इसके बाद मौके पर मौजूद एंबुलेंस से घनेंद्र को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम में पानी में डूबने से मौत की पुष्टि
गुरुवार की सुबह जिला अस्पताल से घनेंद्र का शव पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। पुलिस की कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुबह करीब 12 बजे डॉ. योगेंद्र राजावत ने घनेंद्र का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टर के मुताबिक घनेंद्र की पानी में डूबने से मौत हुई है। उसके फेफड़ों और पेट में पानी भरा मिला है। डॉक्टर के मुताबिक पोस्टमार्टम के करीब 18 घंटे पहले घनेंद्र की मौत हुई है।