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Kanpur: बेमौसम आंधी-बारिश से चार महीने की मेहनत पर फिरा पानी, गेंहू के गठ्ठों में भरा पानी…खड़ी फसलें भी गिरी

Fri, 11 Apr 2025 04:10 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बारिश होने के बाद राजस्व की टीम अपने-अपने क्षेत्र में किसानों की फसलों में हुए नुकसान को देखने पहुंची थी। टीम ने सर्वे किया लेकिन कहीं पर फसल नष्ट नहीं मिली। एडीएम वित्त राजेश कुमार ने बताया कि 30 फीसदी से अधिक नुकसान के बाद भी आपदा राशि दी जाती है। जिले में ऐसा नुकसान कहीं पर नहीं हुआ।
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किसानों की फसल पानी में डूबी - फोटो : amar ujala
कानपुर बेमौसम तेज बारिश होने से गुरुवार को जिले के किसानों की चार माह की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज हवा से खेतों में खड़ी गेंहू की पकी फसल गिर गई। बिल्हौर क्षेत्र में खेतों में कटी पड़ी फसलों में पानी में भर गया। इससे गेंहू के उत्पादन में काफी प्रभाव पड़ेगा। वहीं मूंग, उड़द, टमाटर, खरबूजा की फसलें पानी में डूब गईं।  जिन खेतों पर कटाई या थ्रेसिंग शुरू हो गई थी उन्हें बंद करना पड़ा।

खेतों पर कटी पड़ी फसल हवा में उड़कर दूसरे खेतों पहुंच गई। जिन्हें किसान बारिश में समेटते नजर आए। अब धूप निकलने के एक-दो दिन बाद ही काम शुरू हो सकेगा। हालांकि इस बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी। जिले में 90 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गेंहू की फसल तैयार खड़ी है। अप्रैल की शुरूआत से ही तेजी से गेंहू की कटाई चल रही है। कई किसानों की फसल कट भी चुकी है।
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किसानों की फसल पानी में डूबी - फोटो : amar ujala
खेतों में कटे पड़े गेहूं के गठ्ठे पूरी तरह भीग गए
गुरुवार सुबह अचानक तेज हवा के साथ बारिश होने से खेतों पर खड़ी फसल गिर गई। जो फसल कटी पड़ी थी वो पूरी तरह भीग गईं। कल्याणपुर ब्लक से लेकर बिल्हौर, ककवन तक तेज बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। खेतों में कटे पड़े गेहूं के गठ्ठे पूरी तरह भीग गए। जो एक सप्ताह तक थ्रेसर से कट नहीं पाएंगे। पानी भरने से उड़द का पौधा सड़कर पूरी तरह खराब हो जाएगा। इससे किसानों को काफी नुकसान होगा।
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किसानों की फसल पानी में डूबी - फोटो : amar ujala
फरवरी में पांच बीघा खेत में टमाटर की फसल लगाई गई थी। इसी माह फूल निकले थे। तेज बारिश से फूल पूरी तरह गिर गए। कई पौधे भी टूट गए। कर्ज लेकर तैयारी की गई फसल को बारिश ने बर्बाद कर दिया। 
-धर्मेंद्र कुमार, रौतेपुर शिवराजपुर
 
गेंहू की फसल पककर तैयार थी। एक बीघा की फसल कट गई थी, तीन बीघा गेंहू पका खेत में खडा है। जो बारिश में गिर गया है। बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। हजारों का नुकसान हुआ है।  -अनिल तिवारी, कुरसौली कल्याणपुर

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किसानों की फसल पानी में डूबी - फोटो : amar ujala
सुबह घने बादल छाने व बूंदाबांदी से सांसें तेज होने लगी थीं कि यदि बारिश हुई तो क्या होगा। भगवान का शुक्र है कि बारिश नहीं हुई। नहीं तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाती। 
-बलबीर सिंह, रैपुरा

 
बादल आने और कानपुर में तेज बारिश होने की जानकारी मिलने से दिल बैठने लगा था। गेहूं की फसल पूरी तरह से पकी खड़ी है, यदि बारिश हुई तो घर में अनाज कहां से आएगा। लेकिन सब कुछ ठीक रहा।  -फूल सिंह सेंगर, पतारा
 
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किसानों की फसल पानी में डूबी - फोटो : amar ujala
टीम ने किया सर्वे, सब मिला ठीक
बारिश होने के बाद राजस्व की टीम अपने-अपने क्षेत्र में किसानों की फसलों में हुए नुकसान को देखने पहुंची थी। टीम ने सर्वे किया लेकिन कहीं पर फसल नष्ट नहीं मिली। एडीएम वित्त राजेश कुमार ने बताया कि 30 फीसदी से अधिक नुकसान के बाद भी आपदा राशि दी जाती है। जिले में ऐसा नुकसान कहीं पर नहीं हुआ।
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