यूपी के उन्नाव जिले में गुरुवार की रात आए तूफान में पेड़ और बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद से घरों में कोहराम मच गया। तहसीलदार मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने मृतक आश्रितों को दैवी आपदा प्रबंधन कोष से चार लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
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डेमाे पिक
बांगरमऊ कोतवाली के नेवल गांव में रात को मुन्नीलाल राठौर के यहां रह रहे राममोहन पंडा व अरुण कुमार राठौर का बेटा अमन (11) निर्माणाधीन मकान के लेंटर पर रखे छप्पर के नीचे चारपाई डालकर सो रहे थे। करीब दो बजे तेज आंधी से छप्पर व लेंटर चारपाई पर गिर गया। हादसे में दोनों उसी के नीचे दब गए। परिजन व मोहल्ले के लोगों ने मलबे में दबे दोनों लोगों को बाहर निकाला और बांगरमऊ सीएचसी ले गए।
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डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। तहसीलदार लालधर यादव व चौकी इंचार्ज अब्दुल मन्नान रात में ही मौके पर पहुंचे और जांच की। बेटे की मौत से मां संगीता का रो-रोकर बुरा हाल था। अमन तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। दूसरी घटना तहसील क्षेत्र के गांव कैथोली में हुई। यहां मुलई (70) खेत में पड़ी झोपड़ी में सोया था। तेज आंधी से नीम का पेड़ उसी झोपड़ी पर गिर गया और मुलई की दबकर मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सफीपुर तहसील के शाहपुर गांव निवासी बाबूलाल (45) पुत्र छोटेलाल शुक्रवार सुबह खेत गया था। इसी दौरान आंधी-बारिश के साथ बिजली गिरने से बाबूलाल की मौत हो गई। खेतों में मौजूद ग्रामीणों ने देखा तो परिवार के लोगों को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाबूलाल की पत्नी रामकली के तीन बेटे हैं। मां राजरानी व अन्य परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। वह चार भाइयों में सबसे बड़ा था। युवक खेती कर परिवार का पालन-पोषण करता था।