पूर्व बसपा नेता और हिस्ट्रीशीटर पिंटू सेंगर हत्याकांड में पुलिस ने महफूज अख्तर को बचाने में सभी सुबूतों को दरकिनार कर दिया। हत्याकांड से कुछ दिन पहले महफूज मध्यप्रदेश गया था। वहां पर हत्याकांड के सूत्रधार पप्पू स्मार्ट से मिला था।
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बसपा नेता की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हुई थी हत्या
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पप्पू जब कानपुर लौटा, तब भी मुलाकात की। हत्याकांड की साजिश को लेकर हुई बैठक में शामिल हुआ। इन सभी तथ्यों के बाद भी पुलिस ने महफूज का नाम एफआईआर से हटा दिया। 20 जून को हुई पिंटू सेंगर की हत्या में महफूज अख्तर भी नामजद था।
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पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
विवेचना के दौरान महफूज का नाम बाहर कर दिया गया है। पुलिस ने दावा किया है कि उसके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले। वहीं पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि हत्याकांड से कुछ दिन पहले महफूज मध्यप्रदेश में पप्पू स्मार्ट से मिला था। इसकी पुष्टि उनके मोबाइल नंबरों से हुई। महफूज के साथ कुछ और भी लोग थे।
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पिंटू सेंगर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजासा
चमनगंज में बिरयानी खाते-खाते रची गई हत्या की साजिश
पुलिस अफसर ने बताया कि हत्याकांड से पहले पप्पू स्मार्ट कानपुर आया था। चमनगंज में एक परिचित के घर रुका था। यहीं पर सभी आरोपी पहुंचे थे। एक बिरयानी की दुकान पर बैठक कर हत्या की साजिश रची गई। इसमें महफूज अख्तर भी शामिल था। एसटीएफ को भी कुछ साक्ष्य हाथ लगे थे। मगर पुलिस ने तफ्तीश में शामिल नहीं किया।
फूलन देवी और बसपा सुप्रीमो मायावती का खास था पिंटू सेंगर
- फोटो : amar ujala
मार्च की शुुरुआत में होनी थी हत्या
पुलिस की जांच में एक और तथ्य सामने आया। पप्पू स्मार्ट ने मार्च के पहले सप्ताह में पिंटू सेंगर की हत्या कराने की साजिश रची थी। शूटरों ने सुपारी ली थी लेकिन तय समय में वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद नए सिरे से सुपारी देकर पिंटू की हत्या कराई गई।