कानपुर के हरबंश मोहाल की दर्दनाक घटना में हेमंत ने अपने मासूम बेटे का चेहरा कपड़े से ढक दिया था। इसके बाद उसे फंदे से लटकाया। वह अपने जिगर के टुकड़े की उखड़ती सांसें नहीं देखना चाहता था। इसलिए उसने ऐसा किया। हालांकि अभी सवाल बरकरार है कि आखिर हेमंत ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया?
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हरबंश मोहाल घटना
- फोटो : अमर उजाला
बेटे के साथ खरीदी थी रस्सी
हेमंत ने नई रस्सी से फांसी लगाई थी। जांच में आसपास के लोगों ने बताया कि बुधवार शाम करीब सात बजे हेमंत व अनय घर से बाहर जाते देखे थे। रस्सी लेकर लौटते थे। भाई प्रभात ने बताया कि मंगलवार को हेमंत से मुलाकात हुई थी। बुधवार शाम करीब सात बजे से हेमंत को फोन स्विच ऑफ बता रहा था।
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खाना खाया, फिर मौत को गले लगाया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दोनों की मौत हैंगिंग से हुई। यानी हेमंत ने बेटे अनय को जिंदा फंदे पर लटकाया। रिपोर्ट में खाना खाने की भी पुष्टि हुई। साफ है कि शाम को दोनों ने एक साथ खाना खाया होगा। इसके बाद मौत को गले लगा लिया। ड्राइंग रूम में नमकीन का पैकेट और अनय के खिलौने पड़े थे।
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हरबंश मोहाल घटना
- फोटो : अमर उजाला
ट्रस्ट के नाम कर दें संपत्ति, बैंक बैलेंस
सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं हेमंत कनोडिया पूरे होशोहवास में अपने बेटे अनय के साथ मरने जा रहा हूं। मेरी संपत्ति, बैंक बैलेंस और नकदी ट्रस्ट के नाम कर दी जाए। इसमें किसी का कोई अधिकार नहीं है। इसके अलावा चार लोगों विशाल सोनी, संजय, भाई प्रभात और रेखा का बकाया देने की बात लिखी है।
भाइयों ने काफी समझाया-बुझाया था
मृतक के भाई विनय और प्रभात ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद से हेमंत डिप्रेशन में थे। काफी समझाने बुझाने पर भी वह गुमसुम रहते थे। होम्योपैथिक दवाइयां भी चल रही थीं, लेकिन हेमंत डिप्रेशन से बाहर नहीं आ पा रहे थे। इसी वजह से उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया।