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UP: बवाल-पथराव...मजार और कब्रों में तोड़फोड़, फतेहपुर मकबरे पर 20 मिनट तक कब्जा; विवाद शुरू होने की पूरी कहानी

Tue, 12 Aug 2025 09:35 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फतेहपुर

सार

फतेहपुर में मकबरे के मंदिर होने का दावा करते हुए सोमवार को जमकर बवाल और पथराव हुआ। हिंदू संगठनों ने धार्मिक स्थल पर 20 मिनट तक कब्जा जमाए रखा। इस दौरान मजारों और कब्रों में तोड़फोड़ की गई। धार्मिक स्थल पर भगवा लहराया। मामले में 10 नामजद समेत 160 पर केस दर्ज किया गया है।
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fatehpur tomb controversy - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर में मंदिर और मकबरे को लेकर कुछ समय पहले उपजे विवाद के चलते सोमवार को बवाल हो गया। भाजपा जिलाध्यक्ष के आह्वान पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता जमा हो गए। यह लोग मकबरे के ठाकुरद्वारा मंदिर होने का दावा करते हुए पुलिस की बैरिकेडिंग गिराकर परिसर तक पहुंच गए।

पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में करीब 20 मिनट तक धार्मिक स्थल पर इन लोगों ने कब्जा जमाए रखा। भगवा लहराकर धूपबत्ती जलाई और नारेबाजी की। इस दौरान डंडों से मजार व कब्रों में तोड़फोड़ भी की गई। सूचना पर दूसरे समुदाय के लोग भी पहुंच गए।
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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव और मारपीट शुरू हो गई। डीएम रविंद्र सिंह व एसपी अनूप सिंह ने किसी तरह हालात काबू में किए। एडीजी संजीव गुप्ता ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। मामले में 10 भाजपाइयों समेत 160 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

 
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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
एफआईआर में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह व सभासद रितिक पाल, विनय तिवारी, पुष्पराज पटेल, शामिल को भी नामजद किया गया है।

 

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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल व विहिप प्रांत उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय समेत कई हिंदू संगठन के नेताओं ने सोशल मीडिया पर मंदिर के शुद्धिकरण और नियमित पूजा-पाठ का आह्वान किया था। सोमवार सुबह नौ बजे से ही धार्मिक स्थल के करीब डाक बंगले के सामने कर्पूरी ठाकुरी चौराहे पर बड़ी संख्या में भाजपा, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचने लगे।
 
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फतेहपुर मकबरे के मंदिर होने का दावा, बवाल-पथराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बैरिकेडिंग तोड़ इमारत तक पहुंचे कार्यकर्ता
पहले यहां जमकर नारेबाजी की गई। एएसपी महेंद्र पाल सिंह और एडीएम अविनाश त्रिपाठी, सीओ सिटी गौरव शर्मा ने इन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी बीच करीब 11 बजे बैरिकेडिंग तोड़कर हिंदू संगठनों के 300 से अधिक कार्यकर्ता इमारत तक पहुंच गए। पुलिस बल के सामने ही अंदर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की।

 
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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी व कई कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना की। मजारों पर लाठी डंडे पटके। पुलिस के रोकने के बावजूद प्रमुख स्थानों पर भगवा झंडा लगा दिया गया। 20 मिनट के बाद कार्यकर्ता मौके से हटे।
 
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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
स्थल से करीब 50 मीटर दूर मौजूद दूसरे समुदाय की भीड़ भगवा झंडा देखकर भड़क गई। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक के दौरान पथराव शुरू हो गया। पथराव व भगदड़ में बजरंग दल के संयोजक धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, धर्म प्रसार सह प्रमुख खजुहा प्रखंड रामप्रताप अनुरागी, बिंदकी के बजरंग दल के सह संयोजक सजल को चोटें आई। 

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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
मौके पर ही करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी व हंगामे का दौर चलता रहा। बाद में एडीजी संजीव गुप्ता मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने सतर्कता की कमी पर पुलिस अधिकारियों से नाराजगी जताई। मामला बढ़ने पर कौशांबी और बांदा जिले से पुलिस फोर्स बुला ली गई।
 

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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
ऐसे शुरू हुआ विवाद
शहर के आबूनगर रेड्डया में प्राचीन धार्मिक स्थल है। कई वर्षों से एक समुदाय के लोग इसके अनुयायी हैं। मंदिर मठ संरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य धनंजय द्विवेदी समेत अन्य लोगों ने सात अगस्त को डीएम रविंद्र सिंह को एक मांगपत्र सौंपकर स्थल को प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर बताया था। इसमें नए सिरे से रंगाई-पुताई और बिना अनुमति के मजारों के स्थापित किए जाने का दावा किया गया था। समिति की ओर से सोमवार को यहां साफ-सफाई कर पूजा पाठ की बात कही गई थी।

 

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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
सभी लोगों को समझाकर घर भेज दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 10 थानों की फोर्स व एक प्लाटून पीएसी व गैर जिलों से फोर्स बुलाया गया है। झंडे हटा दिए गए हैं। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अनूप सिंह, एसपी

 

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फतेहपुर बवाल - फोटो : अमर उजाला
मौके पर दोनों समुदाय के लोग थे। सभी से बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाई गई है। इस विवाद को लेकर पूर्व में बैठक की गई थी। पूरे मामले की विस्तार से रिपोर्ट बनाई जा रही है। शांति बहाली के बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी। - रविंद्र सिंह, डीएम

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फतेहपुर बवाल - फोटो : अमर उजाला
तनाव कई बार, तोड़फोड़ पहली बार, मंजर देख अफसर परेशान
फतेहपुर जनपद में कई बार दोनों समुदायों के बीच टकराव हुए, लेकिन कभी भी किसी धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ जैसी घटनाएं कभी नहीं हुई। यह पहली बार है कि इस तरह का मंजर देखने को मिला।

 

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फतेहपुर बवाल - फोटो : अमर उजाला
आबू नगर रेड्डया ईदगाह के पीछे मकबरे में सोमवार को हिंदूवादी संगठन के लोगों ने तोड़फोड़ की। इससे पूरे जनपद में तनाव की स्थिति बनी है। इससे पहले साल 2016 में जहानाबाद में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में जुलूस निकल रहा था।

 

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प्रदर्शनकारियों को पकड़ती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें हिंदू संगठन के डॉ. प्रवीण तोगड़िया व तत्कालीन विधायक विक्रम सिंह भी मौजूद थे। जुलूस के दौरान एक समुदाय की ओर से ईंट, पत्थर चलाए गए थे। इसमें कई लोग घायल हुए थे। इस दौरान भी गैर जनपद की पुलिस व पीएसी को तैनात की गई थी।

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फतेहपुर बवाल - फोटो : अमर उजाला
वहीं साल 2015 में सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र में दुर्गा पूजा के दौरान पथराव की घटना हुई थी। मड़वा गांव में मूर्ति विसर्जन को लेकर रास्ते में विवाद हो गया था। एक समुदाय के लोगों ने पथराव किया था। इसमें दरोगा समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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फतेहपुर मकबरे के मंदिर होने के दावे के बाद बवाल और पथराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ताजिया निकलने के दौरान भी कई बार आपस में टकराव और पथराव जैसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन पहली बार किसी धार्मिक स्थल पर पहुंचकर तोड़फोड़ कर धार्मिक उन्माद फैलाने जैसा कृत्य किया गया है।

 

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फतेहपुर मकबरे के मंदिर होने के दावे के बाद बवाल और पथराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ककई ईंट से बना है चबूतरा 
मकबरे का चबूतरा ककई ईंटों का बना है। इमारत का ढांचा पुरानी पद्धति से बना हुआ है। दीवारों में प्लास्टर है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा कि इमारत 200 साल से भी ज्यादा पुरानी है। सिविल कोर्ट के आदेश के बाद 2010 में इसे मकबरा दर्ज किया गया था।

 

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फतेहपुर मकबरे के मंदिर होने के दावे के बाद बवाल और पथराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर भीड़ ने बदले तेवर 
डाक बंगला स्थित कर्पूरी चौराहा पर पहले हिंदू संगठन के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। यहां पर लोगों के खानपान के लिए लंच पैकेट की भी व्यवस्था थी। लोगों के हाथ में भगवा झंडे थे। वहीं इनमें से आधी संख्या में लोग मकबरा स्थल तक पहुंचे।

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फतेहपुर मकबरे के मंदिर होने के दावे के बाद बवाल और पथराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहां पुलिस बल की कमी को देखते हुए उग्र भीड़ अचानक बैरिकेड तोड़कर अंदर घुसी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। तोड़फोड़ के दौरान बैरिकेड की बल्लियां व हाथ में डंडे ही थे। कुछ लोग ईंट लेकर तोड़फोड़ करते रहे। एक रॉड जरूर मिली है, लेकिन यह भी मौके से ही उठाई गई। आरोपियों के पास कोई तोड़फोड़ के औजार नहीं थे। इससे माना जा रहा है कि पहले से तोड़फोड़ का इरादा नहीं था। मौके पर किसी के उकसाने पर ये बड़ी घटना को अंजाम दिया गया।
 

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मौके पर छूटी लोहे की रॉड - फोटो : संवाद
देर रात तक अधिकारी करते रहे निगरानी
विवादित मकबरे में तोड़फोड़ के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। वह अब एक भी चूक नहीं चाहता है। इसे लेकर मकबरे स्थल के आसपास छावनी बना दी गई है। वहीं डीएम, एसपी, एडीएम समेत अधिकारी रात तक मौके पर मौजूद हैं। हर पहलू पर निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं विधायकों ने सद्भाव बनाने की अपील की है।

 

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मौके पर पहुंचे अफसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चौराहे पर रहे तैनात, स्थल पर गिने चुने 
संगठन के एलान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर जगह-जगह पुलिस की तैनाती कर दी, लेकिन मकबरे के पास पर्याप्त बल लगाना भूल गए।

 
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fatehpur tomb controversy - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एलआईयू की रिपोर्ट को हल्के में लेना पड़ा भारी
एलआईयू ने अपनी रिपोर्ट शासन से लेकर प्रशासन तक भेजी थी। उसने बड़ी घटना बताते हुए अलर्ट भी किया था। लेकिन पुलिस बल तैनाती में पहले सजगता नहीं दिखाई गई। यदि एलआईयू की रिपोर्ट के अनुसार, इंतजाम किए जाते तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। घटना के बाद आनन-फानन गैर जनपद की फोर्स बुलाकर हालात पर काबू पाया गया।

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