फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव करथिया में पुत्री के जन्मदिन के बहाने शातिर सुभाष ने 25 बच्चों को गुरुवार को घर में बंधक बना लिया था। पुलिस ने नौ घंटे की कड़ी मशक्कत कर सुभाष को रात एक बजे मार गिराया और बच्चों को 11 घंटे बाद मुक्त करा लिया। पुलिस ने सुभाष की पुत्री को कब्जे में लिया तो गांव के लोगों ने उसकी पत्नी रूबी को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया।
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आरोपी सुभाष एवं बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
सैफई ले जाते समय उसने भी दम तोड़ दिया। अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर उनके माता-पिता व परिवार वालों की जान में जान आई। गांव करथिया में सुभाष बाथम (42), उसकी पत्नी रूबी(25) व पुत्री गौरी(4) रहते थे। गुरुवार को सुभाष ने पुत्री के जन्मदिन के बहाने गांव के 25 बच्चों को दोपहर करीब दो बजे घर बुलाकर बंधक बना लिया था।
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बंधक बनाए गए बच्चे सुरक्षित निकाले गए
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों के घर न लौटने पर उनके परिजन सुभाष के घर गए और बच्चों को भेजने को कहा। इस पर सुभाष ने बच्चों को छोड़ने से मना कर दिया। तब ग्रामीणों की सूचना पर यूपी 112 पुलिस शाम करीब चार बजे गांव पहुंची। घटना से अधिकारियों को अवगत कराया। साढ़े चार बजे कोतवाल पुलिस बल के साथ गांव गए और बच्चों को छोड़ने का सुभाष पर दबाव बनाया।
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कुछ ऐसा था माहौल
- फोटो : अमर उजाला
गुस्साए सुभाष ने फायरिंग के साथ हथगोला भी चला दिया। मामला गंभीर होने पर देर शाम एसपी, एएसपी, सीओ, चार थानों की फोर्स के साथ पहुंच गए। इसके बाद डीएम व अन्य प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और बच्चों को मुक्त कराने की भरसक कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री और डीजीपी ने भी लिया। तब लखनऊ से एटीएस को रवाना किया गया।
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अपहरणकर्ता सुभाष बाथम (दाएं) और घायल बालू देव (बाएं)
- फोटो : अमर उजाला
उधर, दोस्तों के कहने पर सुभाष ने छह माह की शबनम को टिन शेड से उसकी मां को सौंप दिया। अन्य बच्चों को बंधक बनाए रखा। आईजी मोहित अग्रवाल देर रात करथिया गांव पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई में रात एक बजे पुलिस ने सुभाष को मार गिराया और बच्चों को मुक्त करा लिया। पुलिस ने सुभाष की पुत्री गौरी को कब्जे में ले लिया।
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सिरफिरे ने 11 घंटों से 23 बच्चों को बना रखा बंधक
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद गांव की गुस्साई भीड़ ने सुभाष की पत्नी रूबी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से ग्रामीणों को हटा कर घायल रूबी को सीएचसी भेजा। हालत गंभीर होने पर उसे लोहिया रेफर कर दिया गया। लोहिया अस्पताल से सैफई ले जाते समय शुक्रवार सुबह रूबी ने दम तोड़ दिया। बच्चों के मुक्त होने के बाद उनके माता-पिता और परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।
बच्चों को बंधक बनाने वाला सुभाष पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। पुलिस के पांच जवान घायल हुए हैं। इसमें मोहम्मदाबाद कोतवाल राकेश कुमार भी हैं। गांव का युवक बालू दुबे भी गोली लगने से घायल हुआ है। सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। सुभाष ने योजना के तहत घटना को अंजाम दिया है। वह शातिर अपराधी था। पत्नी रूबी ने भी पति का सहयोग किया। रूबी की मौत कैसे हुई है, यह पोस्टमार्टम में स्पष्ट होगा। मोहित अग्रवाल (आईजी जोन)